सरौन (जमुई) : चकाई-देवघर मुख्य मार्ग पर चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के बिहार-झारखंड सीमा के समीप बासबुट्टी गांव के पास सड़क किनारे लगे यूकेलिप्टस के कई पेड़ खतरनाक तरीके से सड़क की ओर झुक गये हैं. पेड़ों की मौजूदा स्थिति से राहगीरों और वाहन चालकों में भय का माहौल बना हुआ है. स्थानीय लोगों को आशंका है कि तेज हवा या बारिश के दौरान कोई पेड़ सड़क पर गिर गया तो बड़ा हादसा हो सकता है.
दिन-रात वाहनों का आवागमन, बढ़ी चिंता
चकाई-देवघर मुख्य मार्ग पर दिन-रात छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है. ऐसे में सड़क की ओर झुके पेड़ों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. रात के समय स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में वाहन चालकों को झुके पेड़ समय रहते नजर नहीं आ सकते.
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि समय रहते खतरे को दूर किया जाए.
कटाई या छंटाई कराने की मांग
ग्रामीणों और इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले लोगों ने संबंधित विभाग से तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग की है. उनका कहना है कि सड़क की ओर झुके पेड़ों की जांच कर आवश्यकतानुसार उनकी कटाई या छंटाई करायी जाए, ताकि संभावित दुर्घटना को टाला जा सके.
स्थानीय निवासी तालो यादव, सुधीर यादव, शंकर यादव, मुन्ना यादव, उपेंद्र यादव, रामू यादव, शंकर तांती, मनोज यादव और देवेंद्र तांती समेत अन्य ने जमुई जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और तेज हवा का दौर शुरू होने से पहले यदि इन पेड़ों को सुरक्षित नहीं किया गया तो किसी भी समय बड़ी अनहोनी हो सकती है.
