जमुई. बांस शिल्प से जुड़े कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को न्यू द्वारिका भवन में उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक बांस शिल्प को आधुनिक बाजार से जोड़कर शिल्पियों की आय में वृद्धि करना रहा. इस कार्यक्रम का आयोजन विकास आयुक्त कार्यालय, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया, जबकि महावीर हैंडीक्राफ्ट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के तत्वावधान में संपन्न हुआ. कार्यक्रम में सहायक निदेशक (हस्तशिल्प) मुकेश कुमार, हस्तशिल्प सेवा केंद्र, पटना के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रहे. उनके साथ ई-मार्केटिंग विशेषज्ञ राजीव कुमार झा, कंपनी के निदेशक राहुल कुमार, निर्मला देवी, पूजा कुमारी सहित लगभग 20 बांस शिल्पी मौजूद रहे. सहायक निदेशक मुकेश कुमार ने हस्तशिल्पियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर कारीगर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं. वहीं, ई-मार्केटिंग विशेषज्ञ राजीव कुमार झा ने डिजिटल युग में विपणन की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार शिल्पी सोशल मीडिया और ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचा सकते हैं. कंपनी के निदेशक राहुल रंजन ने शिल्पियों को भरोसा दिलाया कि उन्हें उनके उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा, ताकि उनकी कला को उचित पहचान और बाजार मिल सके. कार्यक्रम के दौरान शिल्पियों को उद्यमिता विकास, ब्रांडिंग और विपणन के गुर सिखाये गये. साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया. कार्यक्रम को लेकर शिल्पियों में उत्साह देखा गया, उन्होंने इसे अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए काफी उपयोगी बताया.
अपने उत्पादों को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए शिल्पकारों को दी गयी जानकारी
बांस शिल्प से जुड़े कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को न्यू द्वारिका भवन में उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
