Cobra Snake Bite: बरहट प्रखंड के गादी कटौना गांव में गुरुवार की देर रात कोबरा सांप के डंसने से एक वृद्ध की हालत बेहद नाजुक हो गई थी. परिजनों ने बिना समय गंवाए सांप की पहचान के लिए उसे मारकर एक डिब्बे में सुरक्षित रखा और मरीज के साथ सदर अस्पताल पहुंचे. इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सकों ने तत्परता दिखाते हुए रातभर चले सघन इलाज के बाद शुक्रवार सुबह मरीज को पूरी तरह स्वस्थ कर अस्पताल से छुट्टी दे दी.
कमरे में भुंजा निकालने के दौरान कोबरा ने पैर में डंसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गादी कटौना गांव निवासी सरयुग यादव गुरुवार की देर रात अपने घर के एक कमरे में रखे अनाज के डिब्बे से भुंजा (नाश्ता) निकालने गए थे. इसी दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर कमरे के कोने से निकले एक विषैले कोबरा सांप ने उनके पैर में डंस लिया. सरयुग यादव के चिल्लाने पर परिजन तुरंत कमरे की ओर दौड़े.
परिजनों की सूझबूझ: सांप को डिब्बे में बंद कर पहुंचे अस्पताल
आमतौर पर सर्पदंश की घटनाओं के बाद लोग घबरा जाते हैं या ओझा-गुणी के चक्कर में पड़ जाते हैं, लेकिन सरयुग यादव के परिजनों ने सूझबूझ का परिचय दिया. उन्होंने मौके पर ही उस जहरीले सांप को मार डाला और उसे एक प्लास्टिक के डिब्बे में बंद कर लिया. इसके बाद वे बिना कोई वक्त बर्बाद किए पीड़ित और उस डिब्बे के साथ सीधे जमुई सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे.
डॉक्टर ने 20 वायल एंटी-वेनम देकर बचाई जान
सदर अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. मृत्युंजय पंडित ने मरीज को अटेंड किया. परिजनों द्वारा लाए गए सांप को देखकर डॉक्टर को उसके कोबरा होने की पुष्टि करने और विष के प्रकार को समझने में महज कुछ सेकंड लगे. मरीज में कोबरा (न्यूरोटॉक्सिक) विष के लक्षण दिखने के बाद डॉक्टर ने तुरंत एंटी-स्नेक वेनम (ASV) थेरेपी शुरू की.
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए एक के बाद एक करीब 20 वायल एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए गए. डॉक्टरों की इस त्वरित मेडिकल कार्रवाई का असर धीरे-धीरे दिखने लगा और सरयुग यादव की हालत में सुधार होने लगा. एहतियात के तौर पर उन्हें पूरी रात आईसीयू/इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया. शुक्रवार की सुबह जब उनके सभी वाइटल्स (स्वास्थ्य मानक) सामान्य हो गए, तो उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया.
चिकित्सक की अपील: झाड़-फूंक नहीं, अस्पताल है एकमात्र इलाज
सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मृत्युंजय पंडित ने इस सफल इलाज के बाद आम जनता से बेहद महत्वपूर्ण अपील की है:
"सर्पदंश (सांप के काटने) के मामलों में हर एक मिनट मरीज की जिंदगी के लिए कीमती होता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर समय गंवा देते हैं, जिससे जहर पूरे शरीर में फैल जाता है और मरीज की मौत हो जाती है. सरकारी अस्पतालों में एंटी-वेनम पूरी तरह निशुल्क और प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. सांप काटने पर सीधे अस्पताल आएं, यही एकमात्र इलाज है." — डॉ. मृत्युंजय पंडित, सदर अस्पताल जमुई
Cobra Snake Bite: पत्नी ने जताया डॉक्टरों का आभार
पीड़ित वृद्ध की पत्नी सविता देवी ने बताया कि सांप को साथ लेकर अस्पताल आने का फैसला सही साबित हुआ, क्योंकि इससे डॉक्टरों को यह सोचने में समय नहीं गंवाना पड़ा कि सांप जहरीला था या नहीं. उन्होंने समय पर सही इलाज शुरू कर उनके पति की जान बचाने के लिए सदर अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का सहृदय आभार व्यक्त किया है.
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