डॉ प्रियंका गुप्ता को मिला नगर पंचायत सिकंदरा के ईओ का प्रभार

जिलाधिकारी श्रीनवीन ने अनीशा कुमारी पर मनमानी एवं आदेश उल्लंघन मामले में सख्त रुख अपनाते हुए नगर परिषद जमुई की इओ डॉ प्रियंका गुप्ता को स्वतः नगर पंचायत सिकंदरा का प्रभार सौंप दिया.

सिकंदरा. नगर पंचायत सिकंदरा में कार्यपालक पदाधिकारी के प्रभार को लेकर कई दिनों से चल रहे विवाद का आखिरकार मंगलवार को पटाक्षेप हो गया. जिलाधिकारी श्रीनवीन ने अनीशा कुमारी पर मनमानी एवं आदेश उल्लंघन मामले में सख्त रुख अपनाते हुए नगर परिषद जमुई की इओ डॉ प्रियंका गुप्ता को स्वतः नगर पंचायत सिकंदरा का प्रभार सौंप दिया. डीएम ने जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि स्थानांतरित कार्यपालक पदाधिकारी अनीशा कुमारी ने मनमानी, स्वेच्छाचारिता और सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने जैसी गंभीर लापरवाहियां की हैं.

विदित हो कि नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर पंचायत सिकंदरा की इओ अनीशा कुमारी का तबादला नगर परिषद बलिया कर दिया था. उनकी जगह नगर पंचायत अमौर के इओ संतोष कुमार को नगर पंचायत सिकंदरा का इओ बनाया था. जिलाधिकारी ने 29 अगस्त को अनीशा कुमारी को विरमित कर दिया गया था और नये पदाधिकारी के योगदान तक जमुई नगर परिषद की इओ डॉ प्रियंका गुप्ता को प्रभार सौंपने का निर्देश दिया था. 29 अगस्त को जब डॉ गुप्ता सिकंदरा योगदान देने पहुंचीं, तो अनीशा कुमारी ने डीएम के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए प्रभार देने से साफ इंकार कर दिया. विरमित हो जाने के बावजूद अनीशा कुमारी लगातार नगर पंचायत कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराती रही.

कई विपत्रों को भुगतान के लिए भेज दिया था ट्रेजरी

सूत्रों के मुताबिक, विरमित होने के बाद भी अनीशा कुमारी ने सीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से कई विपत्रों को भुगतान के लिए ट्रेजरी भेज दिया था. हालांकि डीएम के हस्तक्षेप के बाद सभी भुगतान पत्र ट्रेजरी से वापस लौटा दिये गये. यही नहीं, 1 सितंबर को अनीशा कुमारी ने डीएम के आदेश को चुनौती देते हुए जिला स्तर की एक बैठक में भाग लेने जमुई परिसदन पहुंच गयी थी. इस दौरान जिला के एक वरीय अधिकारी ने उन्हें जमकर फटकार लगाई और प्रपत्र क गठित करने की भी चेतावनी दी. लेकिन फटकार लगने के बावजूद इओ अनीशा कुमारी डीएम के आदेश का उल्लंघन करते हुए लगातार कार्यालय आती रही. पूरे प्रकरण को लेकर जिला प्रशासन की किरकिरी भी हो रही थी. जिसके बाद से जिला प्रशासन के अगले कदम का इंतजार किया जा रहा था.

विभागीय जांच भी जारी

डीएम के जारी आदेश में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि मुख्य पार्षद, उपमुख्य पार्षद और वार्ड पार्षदों द्वारा इओ अनीशा कुमारी पर पूर्व से भी मनमानी, अनियमितता और वित्तीय अनियमितताओं समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए थे. उक्त मामले में अनीशा कुमारी से तत्कालीन जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कई बार स्पष्टीकरण मांगा था. वहीं अनीशा कुमारी पर लगे विभिन्न आरोपों की चल रही जांच एवं विभागीय निर्देश के आलोक में भी गठित जांच कमेटी द्वारा की जा रही जांच का भी जिक्र पत्र में किया गया है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद इओ अनीशा कुमारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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