जमुई में शिक्षा विभाग के डीपीओ पर लगा दुराचार का आरोप, महिला रसोईया ठोका मुकदमा, जानें पूरा मामला
शिक्षा विभाग के डीपीओ पर दुराचार का आरोप लगा है. यह आरोप उनके घर में काम कर रही महिला रसोईया ने लगाया है. महिला ने इसको लेकर व्यवहार न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया है. डीपीओ पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं. ऐसे में एक बार फिर आरोपों के कारण वो चर्चा में हैं.
जमुई. शिक्षा विभाग के डीपीओ पर दुराचार का आरोप लगा है. यह आरोप उनके घर में काम कर रही महिला रसोईया ने लगाया है. महिला ने इसको लेकर व्यवहार न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया है. डीपीओ पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं. ऐसे में एक बार फिर आरोपों के कारण वो चर्चा में हैं. वैसे दुराचार के आरोप को उन्होंने झूठा और मनगढ़ंत बताया है.
बेटे को नौकरी का दिया प्रलोभन
जानकारी के अनुसार जमुई नगर परिषद क्षेत्र की एक महिला ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम के समक्ष परिवाद दायर किया है. परिवाद में महिला ने कहा है कि शिवकुमार शर्मा से उनकी मुलाकात सरकारी बस डिपो के पास हुई थी. इस दौरान उन्होंने खुद को डीपीओ बता कर अपने आवास पर खाना बनाने के लिए कहा था. मैं उनके घर खाना बनाने के लिए तैयार नहीं हुई. इसके बाद डीपीओ ने पुत्र को कार्यालय में काम दिलवाने का वादा किया. इसके बाद उनके आवास पर खाना बनाने लगी.
महिला ने कहा कि कुछ दिनों सबकुछ ठीक रहा, लेकिन एक दिन अचानक उनका व्यवहार बदल गया. खाना बना कर जब घर वापस जा रही थी, तो डीपीओ स्थापना शिवकुमार शर्मा ने पकड़ लिया. जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगे. जब इसका विरोध किया, तो कमरे की तरफ खींचने लगे. शोर होने पर आसपास के कुछ लोग आये और इज्जत बच गयी बच गई. पीड़ित महिला ने कहा कि वो अपनी शिकायत लेकर सबसे पहले महिला sc-st थाना भी गयी थी, लेकिन थानाध्यक्ष के नहीं रहने के कारण उन्होंने कोर्ट में परिवाद दायर कराया है.
सारे आरोप झूठ और निराधार
इधर, अपने ऊपर लगाये गये आरोप पर डीपीओ स्थापना शिवकुमार शर्मा ने कहा कि ऐसी कोई भी बात नहीं हुई है. उनके ऊपर लगाया गया आरोप बेबुनियाद और झूठा है. उन्होंने कहा कि साजिश के तहत बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, इसके बाद अब इस मामले में व्यवहार न्यायालय में सुनवाई की जाएगी. बहरहाल, शहर में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है.
