जमुई के चकाई प्रखंड में प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर धोबघट (धोबघाट) झरना पर्यटन स्थल के रूप में विकास की राह देख रहा है. छोटी-छोटी पहाड़ियों, हरियाली और झरने का मनमोहक नजारा इसे आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने की संभावनाएं दिखाता है. इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं और प्रचार-प्रसार के अभाव में यहां पर्यटकों की आवाजाही फिलहाल सीमित है.
सर्दियों का मौसम नजदीक आने के साथ स्थानीय लोगों ने धोबघट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग तेज कर दी है. लोगों का कहना है कि समय रहते सड़क, साफ-सफाई, सुरक्षा समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं तो धोबघट चकाई की पर्यटन पहचान बन सकता है.
सुविधाएं मिलें तो बढ़ेगा पर्यटकों का आकर्षण
धोबघट को व्यवस्थित पिकनिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सड़क, साफ-सफाई, बैठने की जगह, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है. पर्यटकों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी इंतजाम किये जाने की मांग है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन विभाग की ओर से धोबघट का प्रचार-प्रसार किया जाये तो आसपास के जिलों से भी पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं. इससे स्थानीय स्तर पर दुकान, खान-पान, स्थानीय उत्पादों की बिक्री और वाहन संचालन जैसे छोटे कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है.
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार : रंजीत राय
जदयू जिला महासचिव रंजीत राय ने सरकार से धोबघट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि चकाई प्रखंड जिले के अंतिम छोर पर स्थित है और यहां के प्राकृतिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि धोबघट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया तो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे. इससे रोजगार की तलाश में दूसरे प्रदेशों में जाने की मजबूरी भी कम हो सकती है. उन्होंने बताया कि धोबघट के विकास की संभावनाओं को लेकर सरकार को पत्र भेजकर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग रखी जायेगी.
स्थानीय लोगों ने भी उठायी विकास की आवाज
स्थानीय निवासी अभय पासवान ने कहा कि धोबघट की प्राकृतिक खूबसूरती पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त है. जरूरत इसे जरूरी सुविधाओं के साथ व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की है.
पंकज चौधरी ने कहा कि सड़क और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने पर सर्दियों में बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने पहुंच सकते हैं. इससे स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा.
अभिषेक कुमार ने कहा कि पर्यटन स्थल के रूप में विकास होने से दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा. मनीष वर्णवाल ने साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था को जरूरी बताया. वहीं रोहित कुमार ने कहा कि प्रशासन और पर्यटन विभाग समय रहते पहल करें तो धोबघट चकाई के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है.
पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस तैयार
धोबघट की सुरक्षा और पर्यटन की संभावनाओं को लेकर चकाई इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार ने भी सकारात्मक रुख जताया. उन्होंने कहा कि धोबघट बेहद खूबसूरत प्राकृतिक स्थल है. पहाड़ियों, हरियाली और झरने का प्राकृतिक नजारा लोगों को आकर्षित करने की क्षमता रखता है.
उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से सुरक्षा को लेकर आवश्यक इंतजाम किये जा सकते हैं. परिवार के साथ आने वाले लोगों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में पुलिस सहयोग करेगी.
समय रहते पहल हुई तो बन सकता है पर्यटन केंद्र
स्थानीय लोगों का कहना है कि धोबघट को सिर्फ प्राकृतिक स्थल के रूप में छोड़ने के बजाय योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की जरूरत है. सर्दियों में पर्यटकों की संभावित आवाजाही को देखते हुए प्रशासन और पर्यटन विभाग अभी से पहल करे तो यह स्थल चकाई के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है.
पर्यटन को बढ़ावा मिलने से न केवल क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और युवाओं के लिए रोजगार के नये रास्ते भी खुल सकते हैं.