गिद्धौर जमुई से कुमार सौरभ की रिपोर्ट. प्रखंड की कोल्हुआ पंचायत अंतर्गत धोबघट गांव से यादव टोला होते हुए सिमरिया, गेरुआडीह और पूर्वी कोल्हुआ को जोड़ने वाली मुख्य ग्रामीण सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. हल्की बारिश के बाद ही यह सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव के कारण तालाब का रूप ले चुकी है, जिससे दर्जनों गांवों के हजारों लोगों का आवागमन दूभर हो गया है.
अतिक्रमण और गंदे पानी ने बढ़ाई मुसीबत
यादव टोला के निकट स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है. ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ स्थानीय लोगों ने सड़क के किनारों को अतिक्रमित कर लिया है, जिसके कारण जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं बची है. परिणाम स्वरूप:
- आसपास के घरों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे सड़क पर बहता है.
- बीते दिनों हुई तेज बारिश के बाद सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है.
- जमा हुआ गंदा पानी अब संक्रमण और बीमारियों को दावत दे रहा है.
सड़क पर बांधे जा रहे मवेशी, चलना हुआ मुश्किल
ग्रामीणों ने शिकायत की है कि समस्या सिर्फ जलजमाव तक सीमित नहीं है. यादव टोला के पास शाम होते ही लोग अपने दर्जनों मवेशियों को सड़क के बीचों-बीच बांध देते हैं. इससे दिन हो या रात, पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है. कीचड़ और मवेशियों के जमावड़े के कारण आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं.
जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
सड़क की इस नारकीय स्थिति को लेकर विकास सिंह, किसान नेता कुणाल सिंह, रघु सिंह, मनोज मिश्रा और सच्चिदानंद मिश्रा सहित इलाके के दर्जनों ग्रामीणों ने गहरा रोष व्यक्त किया है. ग्रामीणों ने जिले के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि:
- सड़क को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए.
- जल निकासी के लिए नाली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
- सड़क की मरम्मत कर आवागमन को सुचारू बनाया जाए.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन इस दिशा में ठोस पहल करता है, तो न केवल लोगों को परेशानी से निजात मिलेगी, बल्कि ग्रामीण स्वच्छता अभियान को भी बल मिलेगा.
