घना कुहासा व जानलेवा ठंड ने बढ़ायी लोगों की मुश्किलें

प्रखंड में पिछले दो सप्ताह से लगातार छा रहे घने कुहासे व ठंड के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

सर्दी का सितम. दुर्घटना से बचने के लिए वाहन चालक दिन में भी लाइट जलाकर चला रहे वाहन चकाई. प्रखंड में पिछले दो सप्ताह से लगातार छा रहे घने कुहासे व ठंड के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कुहासे का आलम ये है कि चाहे दिन हो या रात, सुबह हो या शाम लगातार कुहासा छाए रहने के कारण लोगों को भगवान सूर्य का दर्शन तक नही हो पाता है. वहीं कुहासे के कारण आठ नौ गज की दूरी तक साफ साफ दिखाई तक नही पड़ता है. इससे वाहनों के परिचालन पर इसका प्रभाव दिख रहा है. किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए वाहन चालक सुरक्षा की दृष्टि से दिन में भी लाइट जलाकर वाहन चलाते दिख रहे हैं. वहीं गाड़िया सड़क पर रेंगती दिख रही है. वहीं कुहासे का फसल पर भी असर दिख रहा है. खासक़र आलू का फसल इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कुहासे के कारण आलू के फसल को पाला मार देने के कारण किसान काफी चिंतित दिख रहे हैं. किसान शिवनंदन तिवारी, बिशेश्वर राणा ने बताया कि पाला मार देने के कारण आलू का पौधा झूलसा दिख रहा है. इस कारण आलू के पैदावार पर इसका असर दिखेगा. वहीं सरसों, अरहर आदि फसल भी प्रभावित हुए हैं. वहीं तेज चलते पछुवा और शीत लहरी के कारण हाड़ कपाने वाली ठंड से पूरा प्रखंड प्रभावित होकर रह गया है. पूर्व में जहां बाजारों में काफी रौनक दिखती थी वहीं इस जानलेवा ठंड और कुहासा के कारण बाजार सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सन्नाटा पसरा दिखता है. इस मौसम के कारण लोग घर से निकलने में कतराते हैं. वहीं लोग घर के बाहर व चौक चौराहों, बाजारों में दिन में भी ठंड से बचाव हेतु अलाव जलाकर बचाव का प्रयास करते दिख रहे हैं. स्थानीय प्रशासन द्वारा चौक चौराहों पर अलाव जलाने हेतु लकड़ियां तो उपलब्ध कराई जा रही है. मगर वह नाकाफी होती है. वहीं अब तक प्रखंड प्रशासन की ओर से गरीबों, असहायों के बीच अब तक कंबल का वितरण नही किया गया, जो काफी दुःखद है. बड़े बुजुर्गों का मानना है कि इस तरह की कड़ाके की ठंड और लगातार छाया कोहरा कम से कम 50 साल के बाद देखने को मिला है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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