जमुई. राज्य में पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर सरकारी कर्मियों के बीच असंतोष लगातार गहराता जा रहा है. एनएमओपीएस के जोनल संगठन सचिव डीसी रजक, जोनल प्रभारी निरंजन कुमार व आइटीआइ कर्मचारी संघ के राज्य अध्यक्ष शशि भूषण आर्य सहित कई कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. गोप गुट से जुड़े नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन तेज किया जायेगा. उन्होंने कहा कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद अब तक पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. जोनल सचिव डीसी रजक ने कहा कि सरकार को लगातार कर्मचारियों की परेशानियों से अवगत कराया गया, लेकिन शासन स्तर पर कोई सार्थक पहल नहीं दिख रही. संघ के नेताओं ने सरकार से नीतिगत बदलाव की मांग की है. प्रादेशिक संघर्ष महासंघ के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सरकार यदि चाहे, तो संवाद से समाधान निकाला जा सकता है. उन्होंने कहा, प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द वार्ता की पहल करे, एक ठोस समय-सीमा तय हो, वरना कर्मचारी संघों को आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा. फिलहाल इस मुद्दे पर सरकार या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आयी है. कर्मचारी संगठनों ने सार्वजनिक रूप से अपील की है कि राज्य सरकार जल्द इस संवेदनशील मुद्दे पर ठोस निर्णय ले ताकि शांति और प्रशासनिक व्यवस्था बनी रहे. पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह राज्यव्यापी आंदोलन का रूप लेती जा रही है. संगठन के नेताओं ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर रणनीति तय कर आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की घोषणा की जायेगी.
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