जमुई जिले के चकाई प्रखंड अंतर्गत सरौन क्षेत्र में शनिवार सुबह से ठप हुई बिजली आपूर्ति 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बहाल नहीं हो सकी है. लगातार बिजली गुल रहने और विद्युत विभाग की लचर कार्यशैली से आक्रोशित उपभोक्ताओं का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया है. भीषण गर्मी और उमस के बीच 24 घंटे से अधिक समय तक आवश्यक बिजली सेवा बाधित रहने से विभागीय व्यवस्था और सिस्टम की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.
जेई का दावा पड़ा फीका, 24 घंटे बाद भी फॉल्ट की तलाश जारी
शनिवार को अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जब विद्युत विभाग के कनीय अभियंता (जेई) से संपर्क किया गया था, तो उन्होंने लाइन में आई तकनीकी खराबी (फॉल्ट) की तलाश कर उसे शीघ्र दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था. हालांकि, 24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद फॉल्ट का पता न चलना और आपूर्ति बहाल न होना विभागीय सुस्ती और लापरवाही को उजागर कर रहा है.
कारोबार ठप, पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
लगातार बिजली गुल रहने से क्षेत्र का सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है. बिजली संकट का सबसे बुरा प्रभाव विद्यार्थियों, स्थानीय व्यवसायियों, निजी अस्पतालों, इलेक्ट्रिक दुकानों, गैरेज-ऑटोमोबाइल दुकानों, विभिन्न आटा व तेल मिलों तथा मोबाइल टावरों के संचालन पर पड़ा है. बिजली न रहने से एक तरफ जहां कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है, वहीं मोबाइल नेटवर्क बाधित होने से डिजिटल काम भी प्रभावित हो रहे हैं. परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई में भी बड़ा व्यवधान उत्पन्न हो रहा है.
स्थानीय निवासियों और उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश
स्थानीय निवासी मनीष राय, मो. जहांगीर, प्रवीण चंद्र, अभय पासवान, हर्ष नारायण सिंह, पंकज चौधरी, छोटे खां, जयशंकर उपाध्याय, अशोक कुमार बबलू, कृष्ण कन्हैया राय, राजीव चौधरी, अंकित राय, तनवीर आलम, सफरुद्दीन अंसारी, दीपक शर्मा और मुकेश केशरी ने विभाग के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया है. ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में लगातार 24 घंटे से अधिक समय तक बिजली गायब रहना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है. उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के वरीय अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए फॉल्ट को दुरुस्त कराकर जल्द से जल्द निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करने की पुरजोर मांग की है.
