अलीगंज. महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गयी है. जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव राजेश पासवान ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा में बिल पारित नहीं होने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह गलत और भ्रामक है. उन्होंने कहा कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जुड़े एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती थी, जिसे विपक्ष की एकजुटता ने रोक दिया. उनके मुताबिक, वर्ष 2023 में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लेकर व्यापक सहमति बन चुकी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया. राजेश पासवान ने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में विशेष सत्र बुलाकर सरकार खुद को महिलाओं का हितैषी दिखाने की कोशिश कर रही है. देश की जनता, खासकर आधी आबादी यानी महिलाएं, अब सरकार की मंशा को समझ चुकी हैं और किसी भ्रम में आने वाली नहीं हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त के जल्द लागू करने की मांग की, ताकि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूती मिल सके.
महिला आरक्षण पर विपक्ष को दोष देना भ्रामक : राजेश पासवान
महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गयी है. जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव राजेश पासवान ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा में बिल पारित नहीं होने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह गलत और भ्रामक है.
