जमुई जिले के कुल 10 परीक्षा केंद्रों पर 4,992 अभ्यर्थी इस परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं. परीक्षा का आयोजन सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक एकल पाली में किया जा रहा है. परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम किए गए हैं कि अभ्यर्थियों को त्रिस्तरीय सघन जांच और बायोमेट्रिक हाजिरी के बाद ही रोल नंबर अलॉटेड सीट तक जाने की अनुमति दी गई.
हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच, 10:30 बजे बंद हुए गेट
सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं, जहां आयोग के नियमों का सख्ती से पालन कराया गया:
- महिला पुलिसकर्मियों द्वारा जांच: महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षात्मक जांच के लिए विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, जिन्होंने हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर की सहायता से सघन तलाशी ली.
- समय सीमा की कड़ाई: सुबह 09:30 बजे से शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया के बाद ठीक 10:30 बजे सभी परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वारों को पूरी तरह सील कर दिया गया. इसके बाद पहुंचे देर लतीफ अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा.
इन इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर रहा पूर्ण प्रतिबंध
परीक्षा में तकनीकी धांधली और चोरी रोकने के लिए केंद्र के भीतर निम्नलिखित सामग्रियों को ले जाने पर पूरी तरह रोक रही:
- मोबाइल फोन और ब्लूटूथ डिवाइस
- स्मार्ट वॉच (Smart Watch)
- कैलकुलेटर और कोई भी लिखित सामग्री
सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए परीक्षा की लगातार वीडियोग्राफी कराई जा रही है तथा सभी परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति व ऑन-स्पॉट फोटोग्राफी भी सुनिश्चित की गई है.
परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा-144, फोटोकॉपी की दुकानें रहीं बंद
कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और प्रश्नपत्र की गोपनीयता सुरक्षित रखने के लिए सभी 10 केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा (धारा-144) प्रभावी रही. इसके साथ ही केंद्रों के इर्द-गिर्द संचालित होने वाली सभी फोटोकॉपी (एक्स-रेक्स) की दुकानों को परीक्षा अवधि तक बंद रखने का सख्त आदेश लागू रहा.
कदाचार करने पर बिहार लोक परीक्षा अधिनियम, 2024 के तहत होगी जेल
इस राज्य स्तरीय परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए शनिवार को ही समाहरणालय के संवाद कक्ष में जिला पदाधिकारी (DM) के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई थी:
शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता, सभी जोनल मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और केंद्राधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे. जिला प्रशासन इस परीक्षा में जीरो-टॉलरेंस नीति अपना रहा है. परीक्षा के दौरान 'बिहार लोक परीक्षा अधिनियम, 2024' तथा 'बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981' के सभी कड़े प्रावधानों को धरातल पर सख्ती से लागू किया गया है. यदि कोई भी परीक्षार्थी, स्कॉलर या बाहरी व्यक्ति किसी भी प्रकार की अनियमितता, कदाचार (चोरी) या प्रश्नपत्र से जुड़ी अफवाह फैलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध बिना किसी रियायत के तत्काल गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
