सम्मान मिला तो बढ़ा हौसला, अब सिकंदरा के इस स्कूल को मॉडल बनाने में जुटे प्रभारी प्रधानाध्यापक विमल जी

प्लस टू श्रीकृष्ण विद्यालय, सिकंदरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक विमल जी को जिला स्तरीय श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान मिला है. यह सम्मान शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और विद्यालय के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है. विमल जी अब अपनी टीम के साथ विद्यालय को एक मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने में जुटे हैं.

Best Teacher Award Jamui: शिक्षक दिवस पर जब प्लस टू श्रीकृष्ण विद्यालय, सिकंदरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक विमल जी को जिलाधिकारी के हाथों जिला स्तरीय श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान मिला, तो यह सिर्फ एक शिक्षक की उपलब्धि नहीं रही. इस सम्मान ने उस काम को भी पहचान दी है, जिसके जरिए वे अपनी पूरी टीम के साथ विद्यालय को नई पहचान दिलाने में जुटे हैं.

पांच सितंबर को समाहरणालय में आयोजित समारोह में शिक्षा विभाग की ओर से विमल जी को जिलाधिकारी ने सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के सम्मान से सम्मानित किया. शिक्षा के प्रति समर्पण, कार्यशैली और विद्यालय के शैक्षणिक एवं आधारभूत विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए मिला यह सम्मान विद्यालय परिवार के लिए भी गौरव का विषय बना है.

विमल जी के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि इससे पहले वर्ष 2025 में भी उन्हें जिला स्तरीय श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.

जिम्मेदारी संभालने के बाद बदली विकास की दिशा

प्रभारी प्रधानाध्यापक का दायित्व संभालने के बाद विमल जी अपनी टीम के साथ विद्यालय के विकास को गति देने में जुटे हैं. उनका जोर सिर्फ कक्षाओं में पढ़ाई तक सीमित नहीं है. विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के साथ विद्यालय में जरूरी सुविधाओं और संसाधनों को मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है.

विद्यालय में विज्ञान लैब, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, जिम, पुस्तकालय, संगीत और खेलकूद जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इन सुविधाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर देना है.

विमल जी अपने सम्मान का श्रेय खुद तक सीमित नहीं रखते. उनका कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि विद्यालय के सभी समर्पित शिक्षकों और पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है.

क्लब गतिविधियों से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर

विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं. यूको क्लब, स्काउट-गाइड, यूथ क्लब, प्रहरी क्लब, विज्ञान क्लब, सखी सहायता क्लब और गणित क्लब जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच, अनुशासन और सामाजिक चेतना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है. यानी विद्यालय में शिक्षा को केवल किताब और परीक्षा तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर भी जोर दिया जा रहा है.

मॉडल विद्यालय के रूप में हो चुका है नामित

प्लस टू श्रीकृष्ण विद्यालय, सिकंदरा को मॉडल विद्यालय के रूप में नामित किया जा चुका है. इसके बाद विद्यालय परिसर और विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है.

विद्यालय में मिनी स्टेडियम का निर्माण लगभग पूरा होने को है. इसके तैयार होने के बाद विद्यार्थियों को खेलकूद के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे. पढ़ाई के साथ खेल को बढ़ावा देने के लिहाज से इसे विद्यालय के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

वहीं विद्यालय की अतिक्रमित जमीन को भी लगभग अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है. इससे भविष्य में विद्यालय परिसर के विकास और नए संसाधनों के विस्तार का रास्ता खुलने की उम्मीद है.

Best Teacher Award Jamui: सम्मान के बीच शिक्षकों की कमी बनी बड़ी चुनौती

विद्यालय में विकास कार्यों और सुविधाओं के विस्तार के बीच एक बड़ी चुनौती अब भी बनी हुई है. वह है शिक्षकों की कमी.

खासकर इंटरमीडिएट कक्षाओं में विज्ञान विषय के शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों और विद्यालय प्रबंधन को परेशानी होती है. माध्यमिक कक्षाओं में संस्कृत विषय के शिक्षक भी नहीं हैं.

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से जल्द शिक्षकों की कमी दूर करने का आश्वासन दिया गया है. अब विद्यालय परिवार को इस आश्वासन के पूरा होने का इंतजार है.

क्योंकि किसी विद्यालय की पहचान केवल उसकी इमारत, स्मार्ट क्लास, लैब या खेल मैदान से नहीं बनती. इन सुविधाओं का पूरा लाभ तभी विद्यार्थियों तक पहुंच सकता है, जब पर्याप्त शिक्षक भी उपलब्ध हों.

फिलहाल डीएम के हाथों मिले सम्मान ने विमल जी और उनकी टीम का उत्साह बढ़ाया है. विद्यालय को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे प्रयासों के बीच अब सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि शिक्षकों की कमी भी जल्द दूर हो. इससे शैक्षणिक सुधार और आधारभूत विकास, दोनों को एक साथ आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.

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By Om Prakash

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