सोनो (जमुई) से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Batiya Ghat Road: जमुई जिले के सोनो प्रखंड स्थित एनएच-333 पर बटिया घाटी का घुमावदार मोड़ इन दिनों वाहन चालकों के लिए खतरे का कारण बन गया है. सड़क पर बने गहरे गड्ढे बारिश के पानी से भर जाने के कारण दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन असंतुलित हो रहे हैं. स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से तत्काल मरम्मत कर दुर्घटना की आशंका को खत्म करने की मांग की है.
बारिश में बढ़ गई परेशानी
बटिया से चकाई जाने के क्रम में घाटी शुरू होते ही दो तीखे मोड़ों में से एक मोड़ पर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. यहां कई बड़े गड्ढे बन गए हैं. लगातार हो रही बारिश और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर पानी जमा रहता है. ऐसे में बाहर से आने वाले वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन अचानक असंतुलित हो जाते हैं.
तीखे मोड़ पर हादसे का सबसे अधिक खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी का यह मोड़ पहले से ही दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है. अब सड़क टूटने और गड्ढों में पानी भर जाने से खतरा कई गुना बढ़ गया है. विशेषकर रात के समय और तेज बारिश के दौरान यहां से गुजरना जोखिम भरा साबित हो रहा है. दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ बस और ट्रक चालकों को भी काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है.
पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी समस्या
Batiya Ghat Road: ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पहले चीरेन पुल के समीप भी सड़क टूटने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था. बाद में विभाग ने वहां मरम्मत कर स्थिति सामान्य कर दी. अब बटिया घाटी के इस खतरनाक मोड़ पर बने गड्ढे भी तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं.
मरम्मत की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से अविलंब सड़क की मरम्मत, जल निकासी की व्यवस्था और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा सड़क हादसा हो सकता है.
