जमुई के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सतीश सुमन ने इस पूरी वारदात की आधिकारिक पुष्टि की है. उनके अनुसार, शुक्रवार को हुई इस दरिंदगी के बाद पीड़िता का इलाज सदर अस्पताल जमुई में कराया गया. शनिवार सुबह पीड़िता ने ग्रामीणों व परिजनों के साथ थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके तुरंत बाद पुलिस एक्शन में आई और तकनीकी व मानवीय इनपुट के आधार पर छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
मवेशी चराने के दौरान झाड़ियों में खींचकर ले गया था आरोपी
घटनाक्रम के संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 40 वर्षीय महिला बहियार (खेत) में अपने मवेशी चरा रही थी. इसी दौरान:
- दुष्कर्म का प्रयास: गांव का ही एक दबंग युवक वहां पहुंचा और सुनसान पाकर महिला को जबरन पकड़कर पास की झाड़ियों की तरफ खींच ले गया, जहां उसने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया.
- बेरहमी से पिटाई: जब महिला ने अपनी अस्मत बचाने के लिए पूरी ताकत से आरोपी का विरोध किया, तो उसने आपा खो दिया और महिला पर लात-घूंसों से हमला कर दिया.
- जान से मारने की कोशिश: आरोपी ने महिला को शांत करने के लिए उसकी बेरहमी से पिटाई की और गला दबाकर हत्या करने का भी प्रयास किया.
ग्रामीणों को आता देख भाग निकला था आरोपी, अस्पताल में हुआ इलाज
मारपीट और घसीटे जाने के दौरान पीड़िता ने शोर मचाना शुरू कर दिया. महिला की चीख-पुकार सुनकर खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण और चरवाहे तुरंत झाड़ियों की ओर दौड़े. लोगों को अपनी तरफ आते देख आरोपी पीड़िता को लहुलुहान हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गया. परिजनों ने आनन-फानन में घायल महिला को इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ.
थानाध्यक्ष के नेतृत्व में टीम गठित, पुलिस ने दर्ज किया फर्दबयान
शनिवार सुबह पीड़िता ने सिकंदरा थाने में अपना फर्दबयान दर्ज कराया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आया:
कहते हैं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO)
वारदात के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई और वर्तमान विधिक स्थिति को लेकर एसडीपीओ ने विस्तृत जानकारी साझा की:
"महिला के आवेदन के आधार पर सिकंदरा थाने में तत्काल सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई. मामले के त्वरित उद्भेदन और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थानाध्यक्ष विकास कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था. पुलिस टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपी के छिपने के ठिकाने पर दबिश दी और नामजद आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अभिरक्षा में आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है." — सतीश सुमन, एसडीपीओ (SDPO), जमुई
