झाझा . बिहार स्वास्थ्य समिति एवं पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को देवसुंदरी मेमोरियल स्वास्थ्य केंद्र में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गयी. कार्यशाला का उद्धघाटन प्रभारी प्राचार्य प्रो डॉ अज़फर शम्शी ने किया. छात्र- छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल युग में बढ़ रही चुनौतियों से निपटने के लिए सही जानकारी प्रदान करने को ले यह कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इस अवसर पर पटना से पीयर एजुकेटर्स प्रशिक्षक के रूप में दीपिका कुमारी एवं शिल्पी कुमारी उपस्थित रहीं. एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ राकेश पासवान ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी युवाओं को देते हुए शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाया . इसके साथ-साथ आधुनिक समय की गंभीर समस्या इंटरनेट बुलिंग एवं इंटरनेट ग्रूमिंग पर भी विस्तार से चर्चा की गयी. विशेषज्ञों ने छात्र छात्राओं को बताया कि किस प्रकार ऑनलाइन माध्यमों पर धोखाधड़ी, मानसिक दबाव और गलत प्रभाव से बचा जा सकता है. कार्यक्रम के दौरान छात्रों को “स्नेहाई” एप्लिकेशन के बारे में जानकारी दी गयी. यह एप न केवल स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं उपलब्ध कराता है, बल्कि युवाओं को सुरक्षित डिजिटल जीवन जीने की दिशा में मार्गदर्शन भी करता है. उपस्थित छात्र-छात्राओं को एप का प्रयोग करने का तरीका भी सिखाया गया ताकि वे भविष्य में स्वयं एवं दूसरों की सहायता कर सके. प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि आज के इस अत्याधुनिक दौर में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और डिजिटल सुरक्षा की जानकारी भी उतनी ही आवश्यक है. इस ज्ञान को केवल अपने तक सीमित न रखकर समाज में भी फैलाएं, ताकि जागरूकता का दायरा और व्यापक हो सके. कार्यक्रम के समापन पर सभी छात्र-छात्राओं को एक बैग प्रदान किया गया, जिसमें नोटबुक, पेन, “स्नेहाई” का बुकमार्क आदि थे. डॉ खुशबू कुमारी एवं ईश्वर कुमार पासवान ने सेहत केंद्र एवं सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर महाविद्यालय के सभी कर्मी व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
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