गिद्धौर : प्लस टू उच्च विद्यालय में संसाधन की व्यवस्था को लेकर छात्र सहित उनके अभिभावकों ने गुरुवार को विद्यालय परिसर में हो-हंगामा किया. आक्रोशित लोगों ने बताया कि क्षेत्र के मौरा, बंधोरा, धनियांठिका,
अलखपूरा, गरमजरुआ, निजुआरा, सिमरिया, गेरुआडीह, कुमरडीह, उपरी कोल्हुआ, धोबघट सहित दर्जनों गांव के छात्र इसी विद्यालय से ग्यारहवीं और बारहवीं की शिक्षा ग्रहण करते हैं. लेकिन संसाधन के अभाव में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के द्वारा इस विद्यालय को हाईस्कूल से प्लस टू विद्यालय में परिणत कर दिया गया है. लेकिन इसे लेकर किसी तरह का संसाधन मुहैया नहीं कराया गया है. जिससे छात्र सिर्फ नामांकन करवाने और परीक्षा देने में ही भाग लेते हैं. लोगों ने बताया कि सामर्ध्यवान लोग तो अपने बच्चों को नीजी स्तर पर पढ़ाई करवा लेते हैं
लेकिन कमजोर तबके के लोगों के समक्ष अपने बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो रहा है. कई अभिभावक अपने बच्चों के आगे की पढ़ाई को बंद कर देना ही मुनासिब समझते हैं. जबकि इसे लेकर स्थानीय विधायक, सांसद और विभाग के पदाधिकारियों को कई बार ध्यान आकृष्ट कराया गया है. लेकिन अबतक इसे लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया है. उदासीनता बरतने के कारण गांव के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है.
ग्रामीण महेश्वर सिंह, धनंजय कुमार, रंधीर कुमार, आरटीआई कार्यकर्ता विमल मिश्रा, काजल सिंह काजू, बुद्धू मांझी, प्रफ्फुल कुमार सिंह, गणेश यादव, उमेश यादव, पद्मेश कुमार सिंह, युवा समाजसेवी कुणाल सिंह, विक्रांत कुमार, पप्पू कुमार, गुड्डन सिंह, अमर झा, नारायण झा, शोनु सिंह, जीतेंद्र कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण अभिभावकों ने बताया कि वर्ष 2007 से ही इस विद्यालय का भवन का निर्माण भी अधूरा पड़ा है
और अधिकारी के द्वारा अबतक कोई कार्रवाई नहीं किया जा रहा है. ग्रामीण ने बताया कि आगामी 9 जनवरी को प्रखंड क्षेत्र के रतनपुर पंचायत स्थित कोसमा आहर के निरीक्षण को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आगमन होना है. बाध्य होकर हमलोग मुख्यमंत्री के समक्ष विरोध प्रदर्शन करेंगे.
