जमुई : बीते कुछ दिनों से सदर अस्पताल अपने कारनामों को लेकर चर्चा में रहा है. बात इलाज कराने को लेकर मरीज के साथ हो या दवा काउंटर की. लोगों की मानें तो कुल मिलाकर अस्पताल की वर्तमान व्यवस्था एक ही बात को साबित करती है कि यहां सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है. बीते मंगलवार को कुछ ऐसा ही घटना सदर अस्पताल परिसर ललन पंजियारा नामक स्वास्थ्य कर्मी के सरकारी आवास के पास मेडिकल रिपोर्ट लेने को लेकर हुआ.
मेडिकल रिपोर्ट लेने में भी सदर अस्पताल में देना पड़ता है पैसा
जमुई : बीते कुछ दिनों से सदर अस्पताल अपने कारनामों को लेकर चर्चा में रहा है. बात इलाज कराने को लेकर मरीज के साथ हो या दवा काउंटर की. लोगों की मानें तो कुल मिलाकर अस्पताल की वर्तमान व्यवस्था एक ही बात को साबित करती है कि यहां सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है. बीते मंगलवार […]

जानकारी के अनुसार जिले के सिकंदरा प्रखंड क्षेत्र के विछवे निवासी कुंदन रविदास बीते कुछ माह पूर्व एक घटना को लेकर सदर अस्पताल में मेडिकल रिपोर्ट लेने आया था. कुंदन ने बताया कि पूछताछ केंद्र पर मौजूद कर्मी के द्वारा इसे जानकारी दिया गया कि आप अस्पताल में ललन पंजियारा नामक स्वास्थ्य कर्मी से मिलिये. उसने बताया कि खोजते-खोजते मैं उसके सरकारी आवास के पास जाकर मेडिकल रिपोर्ट की मांग की.
उसने बताया कि इसे लेकर उक्त कर्मी ने मुझे पांच सौ रुपया देने की बात कही. कुंदन ने बताया कि मैं उसे सरकार के नियम को बताया कि यहां तो सब कुछ नि:शुल्क मिलना चाहिए, तो फिर आप ऐसी बात क्यों बोल रहे हैं. इतनी बात सुनते ही उक्त कर्मी मुझसे उलझ गया और कहा कि चाहे जहां जाओ मैं बिना पैसे को नहीं दूंगा.
अगर तुम्हें यह रिपोर्ट लेना है तो कम से कम कुछ पैसे तो देने ही पड़ेंगे. देखते ही देखते वहां अन्य लोग व स्वास्थ्य कर्मी की भीड़ जमा होने लगी. तब किसी ने जाकर सिविल सर्जन को घटना की जानकारी दी. मौके पर पहुंचे सीएस डाॅ श्याम मोहन दास ने विभाग के नियम को बता कर उक्त कर्मी को डांट फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्था इन्हीं चंद लोगों के कारण खराब हो रही है. जो अच्छी बात नहीं है.
सिविल सर्जन ने बताया कि घटना की पूरी तहकीकात के बाद दोषी स्वास्थ्य कर्मी पर न्याय संगत कार्रवाई की जायेगी. लेकिन लोगों की माने तो सिर्फ कागजी कार्य से अस्पताल की व्यवस्था सुधर नहीं सकती. अच्छा रहता कि लोग अपने अपने जवाबदेही का विधि सम्मत निर्वहन करते.