जमुई जिले के सोनो प्रखंड क्षेत्र में बुधवार देर रात सर्पदंश का शिकार हुए 13 वर्षीय किशोर की जान समय पर इलाज मिलने से बच गयी. सुरेश कुमार के पुत्र सोनू कुमार को रात करीब 12 बजे सांप ने डंस लिया था. घटना के बाद परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल पहुंचते ही इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकीय टीम ने बिना समय गंवाये उपचार शुरू कर दिया. चिकित्सकों की तत्परता से किशोर की हालत में धीरे-धीरे सुधार होने लगा.
सर्पदंश के बाद तेजी से बिगड़ने लगी थी हालत
जानकारी के अनुसार सोनू कुमार को रात करीब 12 बजे सांप ने डंस लिया. सर्पदंश के बाद उसकी हालत गंभीर होने लगी. स्थिति को देखते हुए परिजनों ने झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया. यही निर्णय किशोर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ.
सदर अस्पताल पहुंचने के बाद इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ नवीन चंद्र गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आवश्यक उपचार शुरू कराया. किशोर को एंटीवेनम की 10 वायल की डोज दी गयी. इसके बाद उसकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार दर्ज किया गया.
समय पर एंटीवेनम मिलने से टला बड़ा खतरा
चिकित्सकीय निगरानी और समय पर एंटीवेनम मिलने के बाद सोनू की हालत में सुधार हुआ. फिलहाल उसे खतरे से बाहर बताया जा रहा है. अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है. परिजनों ने भी राहत की सांस ली है.
इस घटना ने एक बार फिर सर्पदंश के मामलों में समय पर अस्पताल पहुंचने की अहमियत सामने ला दी है. सांप के डंसने के बाद मरीज की स्थिति तेजी से गंभीर हो सकती है. ऐसे में उपचार में देरी जानलेवा साबित हो सकती है.
झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचें
सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के भरोसे समय गंवाना खतरनाक हो सकता है. मरीज को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, जहां प्रशिक्षित चिकित्सकों की निगरानी में आवश्यक उपचार और एंटीवेनम उपलब्ध कराया जा सके.
सोनू के मामले में भी परिजनों ने समय रहते अस्पताल पहुंचकर सही कदम उठाया. चिकित्सकों की तत्काल कार्रवाई और एंटीवेनम उपलब्ध होने से किशोर की गंभीर स्थिति नियंत्रित हो सकी. फिलहाल सोनू चिकित्सकीय निगरानी में है और उसकी हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है.
