जमुई : प्रदेश के मुजफ्फरपुर जिला में मस्तिष्क ज्वर से लगातार हो रही बच्चों की मौत को लेकर सदर अस्पताल सतर्क हो गया है. अस्पताल में इस बीमारी से बचाव को लेकर आवश्यक दवा का भंडारण कर लिया गया है. इस बाबत अस्पताल अधीक्षक डा. सुरेंद्र प्रसाद सिंह बताते हैं कि मुजफ्फरपुर में इस बीमारी से लगातार हो रही बच्चों की मौत पर विभाग के निर्देशानुसार अस्पताल प्रबंधन सतर्क है.
मस्तिष्क ज्वर को ले सदर अस्पताल सतर्क, दवाओं का किया भंडारण
जमुई : प्रदेश के मुजफ्फरपुर जिला में मस्तिष्क ज्वर से लगातार हो रही बच्चों की मौत को लेकर सदर अस्पताल सतर्क हो गया है. अस्पताल में इस बीमारी से बचाव को लेकर आवश्यक दवा का भंडारण कर लिया गया है. इस बाबत अस्पताल अधीक्षक डा. सुरेंद्र प्रसाद सिंह बताते हैं कि मुजफ्फरपुर में इस बीमारी […]

उन्होंने बताया कि यह बीमारी मुख्यतः मच्छर के काटने से होता है. ऐसे मच्छर नमी वाले स्थानों में पाए जाते हैं. जब लोग किसी कार्य को लेकर वहां जाते हैं तो मच्छर उन्हें अपना ग्रास बना लेता है और लोग मस्तिष्क ज्वर नामक बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं.
बरतें सावधानी
अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि लोग अपने घर के आसपास के स्थलों को हमेशा साफ-सुथरा रखें, मच्छर के पैदा होने वाले स्थानों पर कम से कम जाएं. अगर कोई व्यक्ति इसका शिकार हो जाता है तो अविलंब चिकित्सक का सलाह लें. उन्होंने बताया कि इस बीमारी के प्रारंभिक अवस्था में कपकपी लगकर तेज बुखार आना, जोड़ों में दर्द होना, गर्दन में ऐठन होना आदि है. समय रहते सावधानी नहीं बरता जाता है तो मरीज कोमा में भी जा सकता है. फिर इसके बाद परेशानी और बढ़ जाती है.
नियमित टीकाकरण में शामिल किया गया है मस्तिष्क ज्वर
मस्तिष्क ज्वर मुख्यतः 15 वर्ष तक के बच्चों को होता है. जिससे बचाव को लेकर सरकार द्वारा वर्षों से नियमित टीकाकरण की व्यवस्था की गयी है. अस्पताल अधीक्षक बताते हैं कि सरकारी स्कूल एवं अन्य शिक्षण संस्थान में इसको लेकर प्रतिवर्ष स्वास्थ्य कर्मी के द्वारा टीकाकरण किया जा रहा है, जिसके परिणाम भी मिल रहे हैं.
अगर ऐसी किसी भी तरह की शिकायत हो तो पीड़ित के परिजन तुरंत सरकारी अस्पताल में इलाज कराये. जहां जांच के बाद बीमारी के समन की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है. बताते चलें कि बीते कुछ दिनों में मुजफ्फरपुर में बच्चों पर इस बीमारी का कहर जारी है. जिसमें अब तक 16 बच्चों को अपने आगोश में ले लिया है.