देश के सबसे बड़े एग्जाम सेंटर 'बापू परीक्षा परिसर' का पटना में हुआ उद्घाटन, जानें इसकी खासियत

देश के सबसे बड़े परीक्षा परिसर का सीएम नीतीश कुमार ने बुधवार को उद्घाटन किया. इस परीक्षा परिसर में एक साथ हजारों की संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा दे सकेंगे. इसका निर्माण पटना के कुम्हरार में हुआ है. वहीं अब राज्य के शेष सभी 29 जिलों में भी परीक्षा भवनों की स्थापना की जाएगी.

राजधानी पटना में देश का सबसे बड़े परीक्षा केंद्र बन कर तैयार हो गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के कुम्हरार में देश के सबसे बड़े परीक्षा केंद्र बापू परीक्षा परिसर का बुधवार को उद्घाटन किया. इस केंद्र पर 16 से 20 हजार विद्यार्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षा दे सकेंगे. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की विभिन्न योजनाओं का भी शुभारंभ किया.

परीक्षा व्यवस्था को उत्कृष्ट बनाने के लिए हुआ निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग बहुत पहले से कोशिश कर रहे थे कि पटना में एक बड़ा परीक्षा भवन बने, जहां बैठकर बड़ी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा दे सके. पटना में परीक्षा भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, बाकी जगहों पर भी इसका निर्माण करवा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने बापू परीक्षा परिसर में पौधारोपण भी किया. बापू परीक्षा परिसर का निर्माण परीक्षा व्यवस्था को और उत्कृष्ट बनाने के लिए किया गया है. 281.11 करोड़ रुपये की लागत से कुम्हरार इलाके में लगभग छह एकड़ में बापू परीक्षा परिसर तैयार हुआ है.

इंजीनियरिंग- मेडिकल की मुफ्त कोचिंग

मुख्यमंत्री ने बिहार बोर्ड के मेधावी विद्यार्थियों के लिए इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की भी शुरुआत की. बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड द्वारा पटना प्रमंडल में निःशुल्क आवासीय कोचिंग और शेष आठ प्रमंडलीय मुख्यालयों में निःशुल्क गैर आवासीय कोचिंग कार्यक्रम की शुरुआत की गयी.

हर दिन हो सकेगी परीक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन में हर दिन परीक्षा हो सकती है. हमारी इच्छा के अनुसार यहां पर भवन बन गया है, इससे मुझे खुशी है. हमने ही कहा था कि इस भवन का नामकरण बापू के नाम पर कीजिए. बापू के नाम पर ही इसका नामकरण बापू परीक्षा परिसर किया गया है, यह बहुत खुशी की बात है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की विभिन्न योजनाओं का भी शुभारंभ किया. बापू परीक्षा परिसर का निर्माण परीक्षा व्यवस्था को और उत्कृष्ट बनाने के लिए किया गया है. आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस परीक्षा केंद्र में ऐसी व्यवस्था की गई है कि विभिन्न परीक्षाओं के संचालन में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो.

अधिक सोलर प्लेट लगाने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने उद्घाटन के बाद पांच फ्लोर वाले परीक्षा केंद्र के भवन का निरीक्षण किया. मुख्य भवन को ए और बी ब्लॉक में बांटा गया है. वहां 16 हजार से 20 हजार विद्यार्थियों के ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षा देने की व्यवस्था की गई है. भवन की छत पर लगे सोलर प्लेट को देखने के बाद वहां अधिक सोलर प्लेट लगाने का अधिकारियों को निर्देश दिया.

दूसरे चरण में राज्य के 29 जिलों में परीक्षा भवन और 38 जिलों में वज्रगृह की होगी स्थापना

मुख्यमंत्री ने दूसरे चरण की कार्य योजना की शुरुआत की. दूसरे चरण के सुधारों की कार्य योजना के तहत राज्य के शेष सभी 29 जिलों में परीक्षा भवनों की स्थापना और राज्य के सभी 38 जिलों में वज्रगृहों की स्थापना की जाएगी. राज्य के सभी नौ प्रमंडलों में कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों-सह- कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की जायेगी. राज्य के सभी मैट्रिक एवं इंटर शिक्षण संस्थानों में प्रति माह एसेसमेंट सिस्टम की शुरुआत होगी. साथ ही राज्य के सभी इंटर एवं मैट्रिक शिक्षण संस्थानों में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम की भी स्थापना की जायेगी.

सिंगल विंडो सिस्टम की होगी व्यवस्था

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की सभी प्रकार की सेवाओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी. नये इंटर एवं मैट्रिक स्तरीय शिक्षण संस्थानों के लिए जीआईएस बेस्ड ऑनलाइन एफलिएशन एंड इंस्पेक्शन सिस्टम की व्यवस्था होगी. साथ ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की सभी परीक्षाओं में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित फॉर्म भरने की प्रक्रिया एवं आर्टिफिशियल बेस्ड डेटा सैनिटाइजेशन की व्यवस्था होगी. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की सभी परीक्षाओं में आरएफआईडी बेस्ड सिक्यूरिटी एवं ट्रैकिंग सिस्टम की व्यवस्था होगी.

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ये रहे मौजूद

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष उदयकांत मिश्रा, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य मनीष कुमार वर्मा, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव सह पटना प्रमंडल के आयुक्त कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्यपदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना जिला के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह, पटना के एसएसपी राजीव मिश्रा, बिहार राज्य नागरिक परिषद् के पूर्व महासचिव अरविंद कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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