Indian Railway: चैती नवरात्र के साथ ही रेलवे ने यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू कर दी है. 19 से 27 मार्च तक चलने वाले नवरात्र के दौरान पटना जंक्शन समेत विभिन्न ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को अब बिना लहसुन-प्याज का शुद्ध सात्विक भोजन मिलेगा.
खासकर व्रत रखने वाले यात्रियों के लिए यह पहल राहत भरी है, जहां यात्रा के बीच भी वे अपने धार्मिक नियमों का पालन आसानी से कर सकेंगे.
फलाहार से लेकर व्रत थाली तक
पहली थाली उन लोगों के लिए है जो केवल हल्का फलाहार करना चाहते हैं, जिसमें ताजे फल, कुट्टू के आटे की पकौड़ी और ताज़ा दही शामिल है. वहीं, जो यात्री पूर्ण भोजन करना चाहते हैं, उनके लिए साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू के पराठे और आलू-पनीर की रसेदार सब्जी का विकल्प मौजूद है. मीठे के शौकीनों के लिए साबूदाने की मलाईदार खीर और सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन भी मेनू का हिस्सा बनाए गए हैं.
यह व्यवस्था न सिर्फ स्वाद का ध्यान रखती है, बल्कि धार्मिक आस्था और स्वास्थ्य दोनों को संतुलित करती है.
स्टेशन से ट्रेन तक- हर जगह सात्विक मेनू
रेलवे प्रशासन ने न केवल चलती ट्रेनों में, बल्कि स्टेशनों पर स्थित ‘जनाहार’ केंद्रों और फूड स्टालों के लिए भी गाइडलाइन जारी की है. पटना जंक्शन के चप्पे-चप्पे पर सूचना पट्टिकाएं लगाई गई हैं ताकि यात्रियों को सात्विक भोजन की उपलब्धता के बारे में जानकारी मिल सके.
कैटरिंग स्टाफ को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे स्वच्छता का उच्चतम मानक बनाए रखें और व्रत का भोजन तैयार करते समय बर्तनों की शुद्धता का पूरा ख्याल रखें.
कैसे करें ऑर्डर और क्या है इसकी सुविधा?
यात्री अपनी यात्रा के दौरान ‘ई-कैटरिंग’ ऐप के माध्यम से या सीधे पेंट्रीकार स्टाफ से संपर्क कर अपनी पसंदीदा व्रत थाली बुक कर सकते हैं. रेलवे की इस पहल से उन बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा राहत मिली है, जो नवरात्र के नौ दिनों का कठिन उपवास रखते हैं.
अब आप बिना किसी संकोच के अपनी धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं.
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