बिहार में खुलेंगे 208 डिग्री कॉलेज, 9152 पदों पर भर्ती को मिली मंजूरी, 937 करोड़ खर्च करेगी सरकार

Bihar 208 New Degree Colleges: बिहार सरकार ने 208 ऐसे प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने का फैसला किया है, जहां अभी कॉलेज नहीं हैं. 9152 पदों पर बहाली होगी. 2026-27 से पढ़ाई शुरू होगी.

Bihar 208 New Degree Colleges: बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है. राज्य के उन 208 प्रखंडों में अब नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, जहां अभी तक एक भी डिग्री कॉलेज नहीं है. सात निश्चय-3 के तहत उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य योजना के जरिए यह कदम उठाया गया है. सरकार ने कॉलेज खोलने, संचालन शुरू करने और शिक्षकों-कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए मंजूरी दे दी है.

9152 नए पदों को मिली मंजूरी

सरकार ने इन 208 कॉलेजों के लिए कुल 9152 पद सृजित करने की स्वीकृति दी है. इसमें 6656 शिक्षकों के पद और 2496 नॉन-टीचिंग पद शामिल हैं. हर कॉलेज में औसतन 44 पद होंगे. इनमें 32 शिक्षक और 12 नॉन-टीचिंग कर्मचारी तैनात किए जाएंगे. इस पूरी योजना पर सरकार को हर साल लगभग 937 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे.

हर कॉलेज में 16 विषयों की पढ़ाई

नए कॉलेजों में छात्रों को 16 विषयों में पढ़ाई का मौका मिलेगा. इनमें हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान, भूगोल, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, गृह विज्ञान, गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, वाणिज्य और पर्यावरण विज्ञान शामिल हैं. हर कॉलेज में एक प्राचार्य भी नियुक्त होगा. ज्यादातर विषयों में दो-दो शिक्षक होंगे.

कॉलेजों में पढ़ाई के साथ प्रशासनिक कामकाज के लिए भी 12 पद बनाए गए हैं. इसमें क्लर्क, पुस्तकाध्यक्ष और अलग-अलग विषयों के लैब इंचार्ज शामिल होंगे. इससे कॉलेजों का संचालन व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा.

2026-27 सत्र से शुरू होगी पढ़ाई

सरकार ने तय किया है कि नए सत्र 2026-27 से सभी 208 कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी. शुरुआत में छह विषयों हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास और समाजशास्त्र में एडमिशन होगा. हर विषय में 50 सीटें होंगी यानी हर कॉलेज में शुरुआती दौर में 300 सीटों पर नामांकन लिया जाएगा.

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पुराने शिक्षक जाएंगे नए कॉलेज, पुराने संस्थानों में आएंगी गेस्ट फैकल्टी

सरकार ने साफ किया है कि नए कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी नहीं रखी जाएगी. वहां पुराने और अनुभवी शिक्षकों को भेजा जाएगा. जिन कॉलेजों से शिक्षक जाएंगे, वहां खाली पदों पर गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति होगी. यह पूरी प्रक्रिया जुलाई से पहले पूरी करनी होगी.

इस योजना से बिहार के हजारों छात्रों को अपने ही प्रखंड में डिग्री स्तर की पढ़ाई मिलेगी. इससे उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी, खर्च कम होगा और नामांकन दर में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है.

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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