जब कलम बनी हथियार, आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों से भिड़े इन पत्रकारों की कहानी, देखें तस्वीरों में

1 / 6
जब कलम बनी हथियार, आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों से भिड़े इन पत्रकारों की कहानी, देखें तस्वीरों में
फुल स्क्रीन में देखें

AI द्वारा बनाया गया सांकेतिक तस्वीर

Freedom Struggle Journalists : जब कलम ने क्रांति का रूप लिया और आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई. बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी, मौलाना आजाद और महात्मा गांधी जैसे महान पत्रकारों की शौर्य गाथा को तस्वीरों के माध्यम से जानें.

2 / 6
फुल स्क्रीन में देखें

बाल गंगाधर तिलक

बाल गंगाधर तिलक: कलम से जगाई आजादी की अलख

बाल गंगाधर तिलक ने ‘केसरी’ और ‘मराठा’ अखबारों के जरिए अंग्रेजी शासन के खिलाफ जनमत तैयार किया. उन्होंने अपनी पत्रकारिता से लोगों में राष्ट्रप्रेम और स्वराज की भावना जगाई. तिलक का प्रसिद्ध नारा ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ आजादी की लड़ाई का मजबूत संदेश बना. उनकी लेखनी ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा दी.

3 / 6
फुल स्क्रीन में देखें

गणेश शंकर विद्यार्थी

गणेश शंकर विद्यार्थी: कलम से उठाई जनता की आवाज

गणेश शंकर विद्यार्थी ने ‘प्रताप’ अखबार के जरिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मजबूत आवाज उठाई. उन्होंने अपनी पत्रकारिता से क्रांतिकारियों, किसानों और आम जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. देश में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने पर वे लोगों को बचाने के लिए खुद मैदान में उतरे. इसी दौरान 1931 में कानपुर में उनकी शहादत हुई, जिससे पत्रकारिता और स्वतंत्रता संग्राम का यह अध्याय अमर हो गया.

4 / 6
फुल स्क्रीन में देखें

मौलाना अबुल कलाम आजाद

मौलाना आजाद की कलम ने जगाई आजादी की आवाज

मौलाना अबुल कलाम आजाद ने ‘अल-हिलाल’ और ‘अल-बिलाग’ के जरिए अंग्रेजी शासन के खिलाफ जनमत तैयार किया. उन्होंने अपनी पत्रकारिता से हिंदू-मुस्लिम एकता और स्वतंत्रता का संदेश देशभर में पहुंचाया. आजादी के आंदोलन में उनकी लेखनी और विचारों ने लोगों को राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया. स्वतंत्रता के बाद वे भारत के पहले शिक्षा मंत्री बने और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

5 / 6
फुल स्क्रीन में देखें

अम्बिका प्रसाद वाजपेयी

अम्बिका प्रसाद वाजपेयी: जेल की सलाखों से जगाई क्रांति

अम्बिका प्रसाद वाजपेयी ने ‘कर्मयोगी’ और ‘स्वतंत्र’ जैसे पत्रों के जरिए अंग्रेजी शासन की नीतियों का खुलकर विरोध किया. उनकी लेखनी ने लोगों में राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता की भावना को मजबूत किया. ब्रिटिश हुकूमत ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की, लेकिन वे अपने विचारों से पीछे नहीं हटे. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्हें कई बार जेल की सजा भी झेलनी पड़ी.

6 / 6
फुल स्क्रीन में देखें

महात्मा गांधी

महात्मा गांधी: कलम से गूंजा सत्य और अहिंसा का संदेश

महात्मा गांधी ने ‘यंग इंडिया’, ‘नवजीवन’ और ‘हरिजन’ के जरिए अपने विचारों को जन-जन तक पहुंचाया. उन्होंने पत्रकारिता को स्वतंत्रता आंदोलन का माध्यम बनाया और सत्य, अहिंसा व स्वराज का संदेश फैलाया. ‘यंग इंडिया’ में ब्रिटिश शासन की नीतियों की तीखी आलोचना के चलते उन्हें 1922 में राजद्रोह के मामले में मुकदमे और जेल का सामना करना पड़ा. गांधी की लेखनी ने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ सामाजिक सुधार और जनजागरण को भी नई दिशा दी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By करुणा तिवारी

करुणा तिवारी पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इनके पास टीवी और डिजिटल मीडिया दोनों में अनुभव हैं. वर्तमान में करुणा तिवारी प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं.

डिजिटल पत्रकारिता में SEO-फ्रेंडली कंटेंट के अनुरूप समाचार लेखन और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए आकर्षक एवं उपयोगी कंटेंट लिखती है. वे समाचारों के लिए प्रभावशाली हेडलाइन, सटीक सबहेडिंग और पाठकों की जरूरत के अनुरूप सरल एवं स्पष्ट भाषा का उपयोग करती हैं. समयबद्धता, तथ्यों की पुष्टि और निष्पक्षता उनके कार्य की प्रमुख विशेषताएं हैं.

इन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों पर काम करना पसंद है. चुनावी गतिविधियों, सरकारी योजनाओं, स्थानीय समस्याओं और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी नजर रहती है. उनका मानना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को सही, संतुलित और भरोसेमंद जानकारी उपलब्ध कराना भी है.

लगातार सीखने और खुद को बेहतर बनाने की सोच के साथ करुणा तिवारी आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता की नई तकनीकों और ट्रेंड्स को अपनाते हुए पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय कंटेंट पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >