पटना मेट्रो डिपो बनाने के लिए तोड़े जाएंगे ये घर, विरोध कर रहे लोगों को भेजा गया नोटिस

पटना मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए तैयार एलाइनमेंट में कई घर आ रहे हैं. जिसका अधिग्रहण डिपो के निर्माण के लिए किया जाएगा. इसके लिए मकान मालिकों को नोटिस भेजा गया है.

पटना शहर में दो कॉरिडोर पर मेट्रो का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. पटना मेट्रो के दोनों कॉरिडोर पटना जंक्शन से आइएसबीटी और दानापुर से मीठापुर तक स्टेशनों और मेट्रो ट्रैक का निर्माण कार्य किया जा रहा है. इस पूरे मेट्रो परियोजना में एकमात्र डिपो पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के पास प्रस्तावित है. जिसके लिए भू -अर्जन का कार्य किया जा रहा है. इस मेट्रो डिपो के एलाइनमेंट में 30 से अधिक स्थाई मकान आ रहे हैं, जिन्हें तोड़ा जाएगा. इस संबंध में भू-अर्जन विभाग ने मकान मालिकों का नोटिस जारी कर दिया है. जिन्होंने नोट लेने से इंकार किया है उनके घरों पर नोटिस चस्पा किया जा रहा है.

पटना मेट्रो प्रोजेक्ट में होंगे 24 स्टेशन

दरअसल पटना मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए तैयार एलाइनमेंट में कई घर आ रहे हैं. जिसका अधिग्रहण डिपो के निर्माण के लिए किया जाएगा. इसके लिए मकान मालिकों को नोटिस भेजा गया है. पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के साथ 25 सितंबर 2019 को एमओयू हुआ था. कुल 31.39 किलोमीटर लंबी पटना मेट्रो के स्टेशन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. पटना मेट्रो का दानापुर से मीठापुर (कॉरिडोर वन) का हिस्सा 16.94 किलोमीटर जबकि पटना रेलवे स्टेशन से न्यू आइएसबीटी (कॉरिडोर 2 ) का हिस्सा 14.45 किलोमीटर लंबा है. दोनों कॉरिडोर मिलाकर कुल 24 स्टेशनों का निर्माण हो रहा है. इनमें 12 स्टेशन अंडरग्राउंड और 12 स्टेशन जमीन से ऊपर यानि एलिवेटेड बनाए जाएंगे.

दिल्ली मेट्रो करा रही पटना मेट्रो प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन

पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन के लिए दिल्ली मेट्रो को पूरी जिम्मेदारी दी गई है. जिसमें निविदा, सिविल कार्यों के लिए ठेकेदारों का चयन, सिस्टम (सिग्नलिंग, संचार, इएंडएम आदि) रोलिंग स्टॉक, एएफसी, सिविल वर्क सिस्टम सुरक्षा, गुणवत्ता और अन्य शामिल

पटना मेट्रो में होंगे दो इंटरचेंज स्टेशन

  • पटना मेट्रो परियोजना के तहत बनने वाले स्टेशनों में पटना स्टेशन और खेमनी चक स्टेशन इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जहां से कॉरिडोर वन और कॉरिडोर टू दोनों के लिए मेट्रो मिल सकेगी.

  • खेमनीचक में एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनाया जाना है, जहां एक ही लेवल पर दोनों प्लेटफार्म होंगे. एक प्लेटफॉर्म से राजेंद्र नगर, अशोक राजपथ, फ्रेजर रोड होते हुए जंक्शन जाने वाली रूट की मेट्रो मिलेगी, वहीं दूसरे प्लेटफॉर्म से पुराना मीठापुर बस स्टैंड, पटना जंक्शन, बेली रोड होते हुए सगुना मोड़ तक जाने वाली मेट्रो पकड़ सकेंगे.

  • वहीं, पटना स्टेशन मेट्रो के सबसे लंबे अंडरग्राउंड स्टेशनों में से एक होगा. इसकी कुल लंबाई 345 मीटर और ट्रैक की गहराई जमीनी स्तर से लगभग 23 मीटर होगी. वहीं, पटना स्टेशन तीन तल का होगा. कॉन्कोर्स माइनस एक (-1) तल पर होगा और इसके नीचे दो और तल पर प्लेटफार्म होंगे. कॉरिडोर- दो का प्लेटफॉर्म कॉन्कोर्स के नीचे और कॉरिडोर-एक का प्लेटफॉर्म उसके भी नीचे होगा. यह सभी तल एक दूसरे और भूतल से जुड़े होंगे. सबसे नीचे के प्लेटफॉर्म से दानापुर से मीठापुर के लिए मेट्रो चलेगी.

Also Read: पटना मेट्रो: प्रायोरिटी कॉरिडोर के पांच एलिवेटेड स्टेशनों के लिए टेंडर जारी, जानें कब तक होगा तैयार?

दोनों कॉरिडोर मिला कर भूमिगत ट्रैक के लिए होगी 37 किमी की खुदाई

मालूम हो कि दोनों कॉरिडोर मिला कर अप-डाउन में करीब 37 किमी की खुदाई की जानी है, जिसके लिए दस टीबीएम की आवश्यकता पड़ेगी. मेट्रो के कॉरिडोर एक में करीब 10.50 किमी जबकि कॉरिडोर दो में आठ किमी का भूमिगत टनल बनना है.

Also Read: पटना में यहां बनेंगे तीन 5 स्टार होटल, इन आधुनिक सुविधाओं से होंगे लैस

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >