Hajipur Flood alert: नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण जलग्रहण क्षेत्रों में बढ़ते दबाव को देखते हुए बाल्मिकीनगर बराज से रविवार को 77 हजार 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इसके बाद वैशाली जिले से होकर गुजरने वाली गंगा और गंडक नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है.
गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि
बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, लालगंज के आंकड़ों के अनुसार रविवार को गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई. विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक नदी का जलस्तर प्रति घंटा 5.83 मिलीमीटर की दर से बढ़ रहा है. वहीं गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.84 मीटर नीचे दर्ज किया गया है. गंगा और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण राघोपुर, बिदुपुर और महनार के दियारा क्षेत्रों के निचले इलाकों में नदी का पानी फैलने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है.
निचले क्षेत्रों की लगातार निगरानी
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाजीपुर, महुआ और महनार अनुमंडल के सभी अंचलाधिकारियों, बाढ़ नियंत्रण विभाग, जल निकासी प्रमंडल, नगर निकायों, आपदा प्रबंधन शाखा तथा एसडीआरएफ की टीमों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है.
प्रशासन ने तटबंधों की सतत निगरानी, दियारा और निचले इलाकों की नियमित मॉनिटरिंग तथा संभावित प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया है. साथ ही गंगा और गंडक नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया गया है.
आपात स्थिति के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया है. आम नागरिक किसी भी प्रकार की आपदा या सहायता के लिए दूरभाष संख्या 06224-260233 और 06224-260234 पर संपर्क कर सकते हैं.
नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : डीएम
जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन प्रत्येक परिस्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने, राहत एवं बचाव संसाधनों को तैयार रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
