Bihar News: बिहार के वैशाली जिले के सराय स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक किनारे लगे एक संदिग्ध आईपी कैमरे ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. कैमरा सिग्नल टावर पर लगाया गया था और इंटरनेट के जरिए ऑपरेट हो रहा था. शुरुआती जांच में इसके तार आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है. मामले की जांच अब एटीएस, एसटीएफ और रेलवे पुलिस कर रही है.
गुमटीमैन की सतर्कता से खुला मामला
घटना सराय-हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड की है. स्टेशन मास्टर मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार दोपहर गुमटीमैन संतोष कुमार ने सूचना दी कि बाइक सवार दो युवक समपार फाटक संख्या 43-C के पास पहुंचे थे. दोनों रेलवे लाइन के किनारे लगे सिग्नल टावर पर कैमरा लगा रहे थे. पूछने पर उन्होंने खुद को एनजीओ से जुड़ा बताया.
कैमरा लगाने के बाद दोनों युवक तेजी से बाइक से सराय बाजार की ओर निकल गए. सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर और आरपीएफ मौके पर पहुंचे. इसके बाद कैमरे को हटाकर कब्जे में लिया गया.
जांच में सामने आई चौंकाने वाली बातें
सूत्रों के मुताबिक कैमरा आईपी तकनीक पर आधारित था और रात में भी साफ रिकॉर्डिंग कर सकता था. जांच में एक घंटे की रिकॉर्डिंग मिलने की बात कही जा रही है. बताया जा रहा है कि कैमरे में आतंकी यासीन भटकल की तस्वीरें भी मिली हैं. वहीं आईपी एड्रेस की जांच में कर्नाटक के तटीय इलाके से कनेक्शन सामने आने की चर्चा है. सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं.
कई एजेंसियां कर रहीं जांच
मामले की सूचना मिलते ही एटीएस और एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची. रेलवे डीएसपी, जीआरपी और आरपीएफ भी जांच में जुटी हैं. आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि कैमरा लगाने वाले युवकों की पहचान हो सके. जांच एजेंसियों को आशंका है कि कैमरा रेलवे ट्रैक, वीआईपी मूवमेंट या किसी बड़ी साजिश की निगरानी के लिए लगाया गया हो सकता है. फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है.
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