हाजीपुर: राघोपुर में गहराया बाढ़ का खतरा, निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा गंगा का पानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर से राघोपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। फसलें डूबीं और आवागमन बाधित, ग्रामीण प्रशासन से मदद की मांग कर रहे हैं।

Flood In Hajipur : राघोपुर गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से राघोपुर प्रखंड में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है. प्रखंड के कई दियारा और निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है. कई ढाब पानी से लबालब हो गए हैं. बाढ़ की आहट से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है. वर्ष 2016 की विनाशकारी बाढ़ का मंजर देख चुके लोग इस बार भी संभावित खतरे को लेकर सहमे हुए हैं. कई ग्रामीण परिवार और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं.

कई जगहों पर जलजमाव से आवागमन बाधित

शिवनगर बिंदा मार्केट से विश्राम टोला जाने वाली मुख्य सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ जाने से आवागमन बाधित हो गया है. पशुपालकों को पशुओं के लिए चारा लाने और जरूरी सामान के लिए एक ढाब से दूसरे ढाब तक जाने में परेशानी हो रही है.

ग्रामीणों के अनुसार, वीरपुर मंदिर के पास, शिवनगर मार्केट स्थित पुलिया के समीप, श्री कमल सिंह संभल सिंह प्लस टू विद्यालय राघोपुर के पीछे वाले ढाब, रामपुर भट्ठी के समीप, रुस्तमपुर लोहा पुल के पास, चक सिंगार, जफराबाद और जहांगीरपुर के निचले इलाकों में पानी भर गया है. रुस्तमपुर लोहा पुल से सिक्स लेन की ओर जाने वाली सड़क के दोनों तरफ भी पानी तेजी से फैल रहा है. पुल के पाया नंबर 25, 27, 29, 30 और 32 समेत कई अन्य पायों के आसपास जलस्तर बढ़ने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.

फसलें डूबीं, किसानों की बढ़ी चिंता

जलजमाव के कारण जनेरा और मकई की खड़ी फसलें पानी में डूब गयी हैं. इससे किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में बड़े क्षेत्र में लगी फसलें प्रभावित हो सकती हैं.

रामपुर श्यामचंद भट्ठी वार्ड नंबर-1 के पास भी पानी भर गया है. यहां लोगों को केला के थम और ट्यूब के सहारे पानी पार करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिदिन करीब 100 से 150 लोग पशु चारा और जरूरी सामान के लिए जान जोखिम में डालकर ढाब पार करने को मजबूर हैं.

नाव और पशु चारे की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि निचले इलाकों में पानी फैलने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से पर्याप्त नाव की व्यवस्था नहीं की गयी है. अंचल कार्यालय स्तर पर छोटी नाव उपलब्ध नहीं होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है.

ग्रामीणों के सामने भोजन के साथ मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने की भी चुनौती है. गंगा किनारे बसे गांवों में लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है. संभावित बाढ़ को देखते हुए ग्रामीणों ने ऊंचे स्थानों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर परिवार और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.

ग्रामीण इलाके में फैली बाढ़ का पानी

2016 की बाढ़ का खौफ फिर सताने लगा

वर्ष 2016 की भीषण बाढ़ की विभीषिका झेल चुके ग्रामीणों को उस समय के हालात की याद फिर सताने लगी है. ग्रामीणों का कहना है कि उस समय पानी बढ़ने के साथ स्थिति तेजी से बिगड़ गयी थी. अब जिस तेजी से निचले इलाकों में पानी फैल रहा है, उससे एक बार फिर उसी तरह की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है.

फिलहाल राघोपुर प्रखंड में स्थिति लगातार बदल रही है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पर्याप्त नाव, पशुओं के लिए चारा, खाद्य सामग्री और अस्थायी शरण स्थल की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.


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By राहुल कुमार राय

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