पसमांदा मुस्लिम समाज के हक-अधिकार और बेहतरी की आवाज उठाने में प्रभावी भूमिका के लिए ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय महासचिव इरफान जामियावाला को सम्मानित किया गया. यह कार्यक्रम सोमवार को मगरहट्टा इलाके में आयोजित किया गया था.
पसमांदा मुस्लिम समाज के मसलों पर चर्चा के लिए यहां आयोजित कार्यक्रम में सम्मान मिलने पर खुशी और आभार व्यक्त करते हुए इरफान जामियावाला ने कहा कि वर्षों से मुल्क की सियासत में मुसलमानों को अकलियत के एक ही दर्जे में रखकर देखा जाता है. जबकि हकीकत यह है कि मुस्लिम समाज के अंदर भी समाजी, मआशी और तालीमी गैरबराबरी मौजूद है. इस हकीकत को नजरअंदाज कर पसमांदा मुसलमानों के असली मसले पर पर्दा डाल दिया जाता है. जब आरक्षण, बराबर की हिस्सेदारी और इंसाफ की बात उठती है, तो उसे अक्सर दबा दिया जाता है. दंगों और फिरकावाराना तनाव का सबसे बड़ा बोझ गरीब पसमांदा तबका ही उठाता है. जान-माल का नुकसान, रोजी-रोटी खत्म होने और बेघर होने की तकलीफ सबसे ज्यादा उन्हीं के हिस्से में आती है.
राष्ट्रीय महासचिव इरफान ने कहा कि पसमांदा मुसलमानों को हमेशा एहसास दिलाया जाता है कि उनकी सलामती सिर्फ एक खास सियासी रवैये से जुड़ी है. जबकि बराबरी की हिस्सेदारी का सवाल पीछे छूट जाता है. इसलिए जरूरी है कि पसमांदा मुसलमान अपनी तालीम, रोजगार, सियासी नुमाइंदगी और मान-सम्मान के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करें.
