Vaishali News : दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में NEET छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार शाम महुआ में छात्रों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकाला. प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई. जुलूस के कारण कुछ समय तक महुआ-हाजीपुर मुख्य मार्ग पर गहमागहमी का माहौल बना रहा.
छात्रों और किसानों के मुद्दों को लेकर जताया विरोध
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों और किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने नीट अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ भी नारे लगाए गए.
मंत्री संजय सिंह की टिप्पणी पर भी जताई नाराजगी
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने महुआ विधायक सह पीएचईडी मंत्री संजय सिंह के खिलाफ भी नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मंत्री ने सोशल मीडिया पर छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को "उपद्रवी" बताया, जिसकी उन्होंने कड़ी आलोचना की. छात्र नेताओं और अन्य वक्ताओं ने इस टिप्पणी को वापस लेने की मांग की.
गांधी चौक पर सभा के साथ हुआ समापन
मशाल जुलूस मंगरू चौक स्थित एक विवाह भवन से शुरू होकर गांधी चौक पहुंचा, जहां यह सभा में तब्दील हो गया. सभा में छात्र नेताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया.
सुरक्षा व्यवस्था की एसपी ने संभाली कमान
कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैशाली के एसपी शुभांक मिश्रा स्वयं महुआ पहुंचे और पूरी व्यवस्था की निगरानी की. मौके पर एसडीपीओ जितेंद्र कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर रणवीर झा, बीडीओ सौरभ कुमार वर्णवाल, सब-इंस्पेक्टर राखी कुमारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. प्रशासन की निगरानी में जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.
