लालगंज. छापेमारी में बरामद सामान में शामिल सोना और नकदी चोरी के आरोप में एसपी की अनुशंसा पर लालगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार एवं थाना के एसआइ सुमनजी झा को निलंबित कर दिया गया है. छापेमारी के दौरान जब्ती सूची में इन सामान को नहीं दर्शाने के मामले में डीआइजी, मुजफ्फरपुर ने दोनों अधिकारियों को निलंबित किया है. इसके पूर्व भी थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगे थे और पूछने पर भी उन्होंने स्पष्टीकरण नहीं दिया था. ऐसे में दोनों मामलों में संज्ञान लेते हुए एसपी ने थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की अनुशंसा की और डीआइजी ने थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया. थानाध्यक्ष पर मध्यप्रदेश की एक महिला के साथ ठगी और शारीरिक शोषण मामले को गंभीरता से नहीं लेते हुए आरोपित को छोड़ देने का मामला वरीय अधिकारियों की जानकारी में आया था. मामले में थानाध्यक्ष से जब पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्टीकरण भी नहीं दिया. बताया जाता है कि मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की रहने वाली एक महिला को लालगंज के एक डाक्टर ने नौकरी का झांसा देकर 11 जुलाई 2025 को बुलाया. उसे अपने कमरे में ही रखा और रात में डाक्टर ने शराब के नशे में महिला का शारीरिक शोषण किया. आधी रात के बाद महिला किसी तरह वहां से भागी और स्थानीय लोगों को सूचना दी. लोगों ने पुलिस को खबर किया. आरोप था कि थानाध्यक्ष ने आरोपित डाक्टर को थाना बुलाया और इतने गंभीर मामले में पहले तो केस को रफा दफा करवाने का प्रयास किया. बाद में बिना गंभीर धाराओं के मामला दर्ज किया और आरोपित को थाना से ही छोड़ दिया था. महिला डर के मारे लालगंज से चली गयी. मामले की जानकारी मिलने पर एसडीपीओ और वरीय पदाधिकारियों ने पूछा भी, लेकिन थानाध्यक्ष ने स्पष्टीकरण नहीं दिया था. वहीं दूसरे मामले में लालगंज थाना की पुलिस ने 30 दिसंबर को थाना क्षेत्र के बिलनपुर गांव के रामप्रीत सहनी के घर छापेमारी कर चोरी का सामान बरामद किया था. इस मामले में थाना कांड संख्या 662 /25 दायर किया गया था. पुलिस रामप्रीत सहनी की पत्नी को पकड़ कर थाना लायी. इस दौरान उसके घर से काफी संख्या में चोरी हुआ बर्तन, तीन टीवी, दो जिंदा कारतूस, एक मिस फायर कारतूस सहित, सोना-चांदी के आभूषण एवं नकदी बरामद हुई थी, लेकिन सोना एवं नकदी की बरामदगी के संबंध में एसडीपीओ सदर-2 गोपाल मंडल को नहीं बताया गया और न ही जब्ती सूची में दर्शाया गया. एसडीपीओ गोपाल मंडल ने इसकी जानकारी एसपी को दी. एसपी ने तुरंत मामले की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) प्रेम सागर को दायित्व सौंपा. छापेमारी से संबंधित सभी तथ्यों, अभिलेखों, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की गयी. दोनों मामले की गंभीरता देखते हुए लालगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा एसपी ने डीआइजी, मुजफ्फरपुर को भेज दी. प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने के बाद थानाध्यक्ष और एसआइ को निलंबित कर पुलिस लाइन हाजिर किया गया है.
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