Vaishali Journalists Protest : वैशाली में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यक्रम की कवरेज के लिए पत्रकारों को पास नहीं मिलने का मामला तूल पकड़ गया. मंगलवार को वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के लिए पास जारी नहीं होने के विरोध में पत्रकारों ने समाहरणालय परिसर में माइक डाउन कर धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ बड़ी संख्या में यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकार भी शामिल हुए.
सीएम के कार्यक्रम में पास नहीं मिलने से नाराजगी
मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बिदुपुर स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन था. कार्यक्रम की कवरेज के लिए जिला जनसंपर्क कार्यालय से पत्रकारों को पास निर्गत किया जाना था. स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि पास जारी नहीं होने से उन्हें कार्यक्रम की कवरेज करने में परेशानी हुई.
समाहरणालय में माइक डाउन कर जताया विरोध
पास नहीं मिलने के विरोध में जिले के पत्रकार हाजीपुर स्थित समाहरणालय परिसर में डीएम कार्यालय के समीप पहुंचे. पत्रकारों ने माइक डाउन कर धरना-प्रदर्शन किया और अपनी नाराजगी जाहिर की. प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने मीडिया कवरेज से जुड़ी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाये.
प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ यूट्यूबर्स भी पहुंचे
धरना-प्रदर्शन में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों के अलावा बड़ी संख्या में यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकार भी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों की कवरेज के लिए मीडिया प्रतिनिधियों के लिए पास की व्यवस्था की जाती है. ऐसे में स्थानीय पत्रकारों को पास नहीं मिलने से उनके पेशेवर दायित्व के निर्वहन में परेशानी होती है.
पत्रकारों ने व्यवस्था पर उठाये सवाल
प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर होने वाले महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग के लिए पत्रकारों को समय पर आवश्यक अनुमति और पास मिलना चाहिए. पत्रकारों का कहना था कि ऐसी व्यवस्था नहीं होने से कार्यक्रम की निष्पक्ष और प्रभावी कवरेज प्रभावित हो सकती है.
कौशल किशोर पाठक ने डीएम पर लगाया गंभीर आरोप
धरना-प्रदर्शन के दौरान पत्रकार कौशल किशोर पाठक ने डीएम पर गंभीर आरोप लगाये. उन्होंने दावा किया कि पत्रकारों की ओर से किये जाने वाले फोन का डीएम स्तर से संज्ञान नहीं लिया जाता. उनके अनुसार, फोन करने के पांच से दस मिनट बाद ओएसडी या कोई अधिकारी फोन कर पत्रकारों से यह जानकारी मांगता है कि उन्होंने डीएम को फोन क्यों किया था.
दर्जनों पत्रकार प्रदर्शन में रहे शामिल
धरना-प्रदर्शन में प्रफुल्ल कुमार, विकास आनंद, अभिजीत शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, राजकुमार सिंह, विकास महापात्रा, रवि कुमार सिंह, रूपेश कुमार सिंह, राजा बाबू, राहुल अमृतराज, संजीत कुमार मोती, ऋषभ कुमार और धर्मपाल पटेल समेत दर्जनों पत्रकार शामिल हुए. पत्रकारों ने पास जारी करने की व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी दर्ज करायी.
अब प्रशासन के जवाब पर नजर
पत्रकारों के प्रदर्शन के बाद अब इस मामले में जिला प्रशासन और जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से सामने आने वाले स्पष्टीकरण पर नजर रहेगी. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग कार्यक्रमों की कवरेज के लिए पत्रकारों को उचित और समय पर पास उपलब्ध कराने से जुड़ी है.
