hajipur news. अशिक्षा व अज्ञानता बाल विवाह को देती है बढ़ावा

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत वैशाली के विश्व शांति स्तूप और बुद्ध रेलिक स्तूप से बाल विवाह मुक्ति का संदेश दिया गया

हाजीपुर. बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत वैशाली के विश्व शांति स्तूप और बुद्ध रेलिक स्तूप से बाल विवाह मुक्ति का संदेश दिया गया. भगवान महावीर की जन्मभूमि, बुद्ध की कर्मभूमि और विश्व का पहला गणराज्य वैशाली एक ऐतिहासिक स्थल है, जो कभी शांति और अहिंसा का प्रतीक था, अब बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ एक मजबूत आवाज उठा रहा है. वैशाली को बाल विवाह से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आमजनों का भी अच्छा सहयोग मिल रहा है. इस संबंध में संस्थान के सचिव और परियोजना निदेशक डॉ सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है. कार्यक्रम में अधिकार मित्र संतोष कुमार ने कहा कि समाज में अशिक्षा और अज्ञानता बाल विवाह को बढ़ावा देता है, इसलिए हम सभी को शिक्षा के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है. वैशाली के सभी नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों से अपील कि गई है कि वे बाल विवाह के खिलाफ इस मुहिम में शामिल हों. कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त तत्वावधान में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से कार्यक्रम हुआ.

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Published by: Abhishek shaswat

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