हाजीपुर सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री का औचक निरीक्षण: PMCH रेफरल नियमों में बड़ा बदलाव, दो डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने हाजीपुर सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की पोल खोली. उन्होंने इमरजेंसी वार्ड और दवा वितरण केंद्र में गंभीर कमियां पाईं, जिसके बाद PMCH रेफरल नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है.

Hajipur News: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने गुरुवार को बिना किसी पूर्व सूचना के हाजीपुर सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू, रोगी कल्याण समिति के कार्यालय और दवा वितरण केंद्र की व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की. अस्पताल संचालन में गंभीर कमियां और लापरवाही उजागर होने पर स्वास्थ्य मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और अधिकारियों को व्यवस्था में अविलंब सुधार के सख्त निर्देश दिए.

इमरजेंसी वार्ड में रेफरल और दवाओं के रिकॉर्ड में मिली लापरवाही

निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में मरीजों के रिकॉर्ड संधारण में गंभीर लापरवाही सामने आई. स्वास्थ्य मंत्री ने जब गंभीर मरीजों को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर किए जाने का रिकॉर्ड मांगा, तो अस्पताल प्रबंधन कोई पुख्ता डेटा प्रस्तुत नहीं कर सका.

वार्ड में यह रिकॉर्ड भी संधारित नहीं था कि किस मरीज को कौन सी दवा कब दी गई. इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जब तक मरीजों के उपचार और रेफरल का पूरा विवरण ऑन-रिकॉर्ड दर्ज नहीं होगा, तब तक व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं आ सकती. उन्होंने सभी अभिलेखों को तत्काल दुरुस्त करने का आदेश दिया.

मरीज के पर्चा और दवा के बारे में पूछताछ करते मंत्री।

दवा काउंटर पर स्टॉक रजिस्टर खाली मिलने पर जताई नाराजगी

दवा वितरण केंद्र की जांच के दौरान भी अनियमितता पाई गई. स्वास्थ्य मंत्री ने पाया कि दवाओं की ऑनलाइन प्रविष्टि तो की जा रही थी, लेकिन भौतिक स्टॉक और वितरण से जुड़े मुख्य रजिस्टर खाली थे. अस्पताल में कौन सी दवा कब प्राप्त हुई और किस मरीज को दी गई, इसका लिखित रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा था.

निशांत कुमार ने स्पष्ट किया कि डिजिटल प्रणाली के साथ-साथ भौतिक रजिस्टर में भी दवाओं का नियमित मिलान अनिवार्य है. उन्होंने भविष्य में ऐसी लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी.

इमरजेंसी में स्वास्थ्य कर्मी से जानकारी लेते मंत्री साथ में डीएम एवं जदयू प्रदेश अध्यक्ष।

पीएमसीएच रेफरल नियमों में बदलाव: बिना बेड कंफर्म हुए नहीं भेजे जाएंगे मरीज

मरीजों को सामान्य स्थिति में भी पटना रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने नीतिगत निर्देश जारी किए. उन्होंने कहा कि अब सदर अस्पताल से किसी भी मरीज को पटना भेजने से पूर्व प्रबंधन को पीएमसीएच प्रशासन से सीधे संपर्क स्थापित करना होगा.

वहां बेड और उपचार की सुविधा सुनिश्चित होने के बाद ही मरीज को एम्बुलेंस से रवाना किया जाएगा, ताकि परिजनों को पटना जाकर बेड के लिए परेशान न होना पड़े. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अत्यंत गंभीर और आपातकालीन मामलों में ही रेफरल की अनुमति होगी. इसके साथ ही रेफरल पर्चे पर बीमारी का पूरा विवरण (डायग्नोसिस) दर्ज न करने वाले दो चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया.

एंबुलेंस से पटना जा रहे मरीज के परिजनों से जानकारी लेते मंत्री।

मरीजों से मिलकर स्वास्थ्य मंत्री ने जाना स्वास्थ्य सेवाओं का हाल

स्वास्थ्य मंत्री ने वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधा संवाद कर अस्पताल की सुविधाओं का फीडबैक लिया. उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें नि शुल्क दवाएं और भोजन समय पर मिल रहा है या नहीं.

निरीक्षण के दौरान वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह, पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, वैशाली विधायक सिद्धार्थ पटेल, ग्रामीण एसपी सोनू कुमार राय, सिविल सर्जन और सदर अस्पताल अधीक्षक सहित कई प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे.

स्वास्थ्य मंत्री ने दोहराया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों पर सीधी जवाबदेही तय होगी.

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By अभिषेक कुमार

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