Hajipur Transgender Protest News (गोपाल राय): वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर से इस वक्त कानून व्यवस्था को पूरी तरह चुनौती देने वाले एक महा-लूटकांड और उसके बाद जिला समाहरणालय में भड़के भीषण जन-आक्रोश की बेहद सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. शहर के वीआईपी स्टेशन रोड स्थित रेल कोच रेस्टोरेंट के समीप बीते 12 जून की रात एक ट्रांसजेंडर (किन्नर) से करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और ₹8.75 लाख कैश की ठगी व लूट के मामले में पुलिसिया सुस्ती को लेकर भारी बवाल मच गया है. घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज पूरे जिले के सैकड़ों किन्नर गुरुवार को अचानक सड़कों पर उतर आए और कलेक्ट्रेट (समाहरणालय) व एसपी कार्यालय परिसर को घेरकर जमकर हंगामा और नारेबाजी की. किन्नर समाज ने दोटूक अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे देश के ट्रांसजेंडर हाजीपुर में आकर चक्का जाम करेंगे.
कार के इंजन से धुआं निकलने का दिया था झांसा, आंखों के सामने से डेढ़ करोड़ का बैग लेकर उड़े थे उच्चक्के
वैशाली पुलिस और पीड़ित ट्रांसजेंडर से मिली लाइव जानकारी के अनुसार, यह पूरी खौफनाक और शातिराना वारदात बीते शुक्रवार (12 जून) की रात करीब 8:00 बजे घटित हुई थी. महुआ थाना क्षेत्र के महुआ गांव की रहने वाली सपना किन्नर आगामी अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन के लिए विभिन्न राज्यों से आए भारी-भरकम आभूषण और नकद राशि इकट्ठा कर अपनी लग्जरी एक्सयूवी (XUV) कार से चालक सौरभ कुमार के साथ पटना से वापस घर लौट रही थी. सपना रास्ते में लीची खरीदने के लिए जैसे ही हाजीपुर स्टेशन चौक के पास रुकी, तभी मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उसकी गाड़ी के इंजन पर कोई गुप्त तरल पदार्थ (केमिकल) फेंक दिया, जिससे इंजन से तेज धुआं निकलने लगा. जैसे ही सपना और उसका ड्राइवर घबराकर नीचे उतरे, उन्हें सांस लेने में तकलीफ (घुटन) होने लगी. इसी का लाइव फायदा उठाकर बदमाशों ने कार की सीट पर रखा आभूषणों और नोटों से भरा बैग उड़ा लिया और पलक झपकते ही रफूचक्कर हो गए. इस संबंध में सपना कुमारी ने सदर थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
सात दिनों तक पुलिस करती रही सिर्फ कागजी खानापूर्ति, किन्नरों ने दी बिहार ठप करने की खुली चेतावनी
घटना के अगले ही दिन सैकड़ों किन्नरों ने सदर थाने का घेराव किया था, जहाँ पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर 48 घंटे में चोरों को दबोचने का बड़ा वादा किया था. लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी वैशाली पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली रहे और किसी भी बदमाश की लाइव गिरफ्तारी नहीं हो सकी. इसी से नाराज होकर गुरुवार की दोपहर सैकड़ों की संख्या में किन्नर डाकबंगला रोड की ओर से पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखे नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में घुस गए और धरने पर बैठ गए. प्रदर्शनकारी किन्नरों ने खुलेआम आरोप लगाया कि पुलिस अपराधियों से मिली हुई है और जांच के नाम पर केवल समय बर्बाद कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वैशाली पुलिस अपराधियों को तुरंत जेल नहीं भेजती है, तो पूरे बिहार ही नहीं, बल्कि देश भर के राज्यों के किन्नर हाजीपुर की सड़कों पर उतरकर ऐतिहासिक महा-आंदोलन शुरू करेंगे.
सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने खुद संभाला मोर्चा, कड़े आश्वासन के बाद शांत हुआ किन्नरों का हुजूम
कलेक्ट्रेट के भीतर सैकड़ों किन्नरों के उग्र प्रदर्शन और ताली बजाकर किए जा रहे विरोध की लाइव जानकारी मिलते ही वैशाली पुलिस महकमे और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के बीच भारी खलबली और हड़कंप मच गया. स्थिति की गंभीरता और सुरक्षा व्यवस्था को खतरे में देख आनन-फानन में सदर एसडीपीओ वन (SDPO) सुबोध कुमार भारी पुलिस बल और महिला कमांडो के साथ मौके पर लाइव पहुंचे और आंदोलनकारी किन्नरों के बीच जाकर वार्ता की मेज सजाई.
एसडीपीओ सुबोध कुमार ने प्रदर्शन कर रहे किन्नरों को बेहद शांति और गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि जिला पुलिस की दो विशेष डीआईयू (DIU) टीमें और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स अंतरराज्यीय झपट्टा मार गिरोह के ठिकानों को लगातार ट्रैक कर रहे हैं. उन्होंने ऑन-रिकॉर्ड भरोसा दिलाया कि पुलिस बहुत जल्द इस पूरे हाई-प्रोफाइल रैकेट का भंडाफोड़ कर लूटे गए सोने के आभूषणों की रिकवरी कर लेगी. इस कड़े और लाइव आश्वासन के बाद ही किन्नरों का हुजूम शांत हुआ और समाहरणालय परिसर खाली हो सका. बहरहाल, इस डेढ़ करोड़ की लूट ने वैशाली पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है.
