flood in Hajipur : वैशाली जिले के लालगंज में गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से लालगंज प्रखंड के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है. पिछले दो दिनों में वाल्मीकिनगर बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. जल संसाधन विभाग के अनुसार 2 सितंबर को बराज से 1 लाख 83 हजार 400 क्यूसेक और गुरुवार को 1 लाख 50 हजार 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इसके बाद गंडक का बहाव तेज हो गया है और जलस्तर में करीब 1.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की वृद्धि दर्ज की जा रही है.
खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर ऊपर बह रही गंडक
विभागीय अधिकारियों के अनुसार गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. जलस्तर लगातार बढ़ने से लालगंज, बलहा और बसंता जहानाबाद समेत कई तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका बढ़ गयी है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है.
तिरहुत तटबंध पर सबसे अधिक खतरा
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में तिरहुत तटबंध की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. विभाग के अभियंता, केंद्रीय जल आयोग और जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार तटबंध का निरीक्षण कर रहे हैं. संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और उच्च अधिकारियों को लगातार स्थिति की जानकारी दी जा रही है.
बालू भरे बैग और जिओ बैग तैयार
तटबंध की सुरक्षा के लिए बालू से भरे बैग, जिओ बैग और हाथी पांव समेत आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करायी गयी है. किसी भी स्थान पर कटाव या रिसाव की सूचना मिलने पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है.
सिंचाई विभाग के एसडीओ जनार्दन सिंह, लालगंज सीओ विश्वजीत कुमार और बसंता जहानाबाद पंचायत के मुखिया गणेश राय तटीय क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं. अधिकारी संवेदनशील स्थलों पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के साथ कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं.
24 घंटे निगरानी, राहत दल भी अलर्ट
सिंचाई विभाग लालगंज के एसडीओ जनार्दन सिंह ने बताया कि लालगंज, बलहा और बसंता क्षेत्र में गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर ऊपर है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जा रही है. विभागीय टीमें 24 घंटे निगरानी कर रही हैं.
इधर, प्रशासन ने तटीय गांवों में सर्वेक्षण तेज कर दिया है. संभावित प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जा रही है और राहत एवं बचाव कार्य के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय राहत दलों को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है.
नदी किनारे नहीं जाने की अपील
प्रशासन ने तटीय गांवों के लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और बच्चों को नदी के आसपास नहीं जाने देने की अपील की है. अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा तटबंध में रिसाव, कटाव या किसी अन्य असामान्य स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन या संबंधित विभाग को देने को कहा है.
