Hajipur News: वैशाली जिले के महनार अनुमंडल क्षेत्र में गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण निचले और दियारा इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है. इसी क्रम में महनार स्थित प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक शक्तिपीठ हसनपुर काली मंदिर परिसर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है. मंदिर प्रांगण और आसपास के मार्गों पर जलभराव हो जाने से पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं. गंगा नदी से घिरे इस आस्था के बड़े केंद्र के जलमग्न होने से आसपास की घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता और बेचैनी भी बढ़ गई है.
जलस्तर में गिरावट शुरू, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बरकरार
यद्यपि रविवार की सुबह से ही गंगा नदी के जलस्तर में आंशिक गिरावट का सिलसिला शुरू हो चुका है, लेकिन नदी से सटे निचले इलाकों में पहले से फैला बाढ़ का पानी अब भी स्थिर और गहरा बना हुआ है. मंदिर के आसपास के रिहायशी टोलों में पानी प्रवेश कर चुका है, जिससे रोजमर्रा के आवागमन में भारी असुविधा हो रही है. जलजमाव के कारण संपर्क मार्गों और नालों के बीच का अंतर समाप्त हो गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जोखिम की स्थिति बनी हुई है.
हादसों की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने की बच्चों को दूर रखने की अपील
बाढ़ के पानी के तेज बहाव और गहराई का सही अंदाजा न होने के चलते हादसों की गंभीर आशंका बनी हुई है. विशेषकर बच्चे अक्सर उत्सुकता या खेल-खेल में गहरे पानी के करीब पहुंच जाते हैं, जो किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और अभिभावकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि बच्चों को बाढ़ के पानी से पूरी तरह दूर रखा जाए और उन्हें तेज बहाव वाले स्थानों, जलमग्न पुल-पुलियों तथा डूबी हुई सड़कों के आसपास कतई न जाने दिया जाए.
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