Vaishali Flood: वैशाली जिले में गंगा एवं गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. जिले के 6 प्रखंडों के साथ हाजीपुर नगर परिषद क्षेत्र के 8 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं. प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देते हुए लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है.
सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को क्षेत्र में रहकर राहत कार्यों की मॉनिटरिंग करने और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. वर्तमान में राघोपुर, हाजीपुर, महनार, सहदेई बुजुर्ग, देसरी और बिदुपुर अंचल प्रभावित हैं.
हाजीपुर के 8 वार्डों में पहुंचा बाढ़ का पानी
हाजीपुर नगर परिषद क्षेत्र के 8 वार्ड भी बाढ़ से प्रभावित हैं. इनमें वार्ड संख्या 43 और 17 सबसे अधिक प्रभावित हैं. अन्य प्रभावित वार्डों में भी अलग-अलग स्थानों पर पानी घुस गया है. प्रशासन और नगर परिषद की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
कौनहारा बाइपास से टोल प्लाजा रोड के दक्षिण दिशा की ओर नदी का पानी पहुंच गया है. कौनहारा बाइपास रोड पर भी कई जगह पानी आ गया है. इस इलाके की नयी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. डीआरसीसी जाने वाली सड़क पर भी पानी जमा है.
कौनहारा घाट पर बैरिकेडिंग, लोगों के जाने पर रोक
कौनहारा घाट पर पानी अधिक भर जाने के कारण बैरिकेडिंग कर घाट को प्रतिबंधित कर दिया गया है. लोगों को घाट की ओर जाने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गयी है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए गंगा ब्रिज थाना के सामने सामुदायिक रसोई और रहने के लिए आशियाना तैयार किया जा रहा है. यहां प्रभावित लोगों को भोजन और रहने की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है.
वाल्मीकिनगर बराज से 1,52,900 क्यूसेक जलश्राव
नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है. वाल्मीकिनगर बराज से आज 1,52,900 क्यूसेक जलश्राव दर्ज किया गया है.
पिछले तीन दिनों में जलश्राव की स्थिति इस प्रकार रही.
- 31.08.2026 — 1,19,000 क्यूसेक
- 01.09.2026 — 1,50,200 क्यूसेक
- 02.09.2026 — 1,83,400 क्यूसेक
गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 1.71 मीटर ऊपर
गंगा नदी का जलस्तर गांधी घाट पर 50.31 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है. इस तरह गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.71 मीटर ऊपर है.
वहीं लालगंज में गंडक नदी का जलस्तर 51.33 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 50.50 मीटर से 0.83 मीटर ऊपर है.
हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर 50.31 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 0.01 मीटर नीचे है. गंडक नदी के हाजीपुर और रेवा घाट पर भी जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है.
155 नावों से आवागमन, 1760 पॉलिथीन शीट बांटी गयी
Vaishali Flood: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए कुल 155 नावों का परिचालन किया जा रहा है. जरूरतमंद परिवारों के बीच अब तक 1,760 पॉलिथीन शीट का वितरण किया जा चुका है.
प्रभावित क्षेत्रों में मानव और पशु चिकित्सा शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं. इन शिविरों में लोगों और पशुओं की नि:शुल्क जांच, उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करायी जा रही हैं.
एसडीआरएफ अलर्ट, तटबंधों पर रात में भी निगरानी
बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड में तैनात हैं. बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंता और कर्मी तटबंधों की लगातार निगरानी कर रहे हैं. रात में भी नाइट पेट्रोलिंग की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जा सके.
जगह-जगह कंट्रोल रूम, माइकिंग से लोगों को किया जा रहा जागरूक
नगर परिषद की ओर से प्रभावित इलाकों में जगह-जगह कंट्रोल रूम बनाये गये हैं. वहीं लोगों को बाढ़ से बचाव और सावधानी को लेकर माइकिंग के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के किनारे न जाएं तथा किसी भी आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें.
24 घंटे खुले रहेंगे नियंत्रण कक्ष
बाढ़ या आपात स्थिति से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना और सहायता के लिए जिला प्रशासन ने 24×7 नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की है.
जिला नियंत्रण कक्ष, वैशाली: 06224-260233, 06224-260234
अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, हाजीपुर: 06224-272215
अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, महनार: 06229-299950
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