Vaishali News: गंगाब्रिज थाना क्षेत्र के समीप संचालित बाढ़ राहत शिविर में मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद एंबुलेंस से पशु चारा (चोकर) वापस ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. जिलाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर सदर अंचलाधिकारी (सीओ) आशुतोष सन्नी ने जिला पशुपालन पदाधिकारी के खिलाफ संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद तत्काल प्रभाव से अनुमंडल पशुपालन पदाधिकारी रंजीत कुमार शर्मा को जिला पशुपालन पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है.
वायरल वीडियो पर प्रशासन का पक्ष और स्पष्टीकरण
विदित हो कि बीते 7 सितंबर को बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण करने मुख्यमंत्री पहुंचे थे. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर शिविर में शरण लिए पशुओं के लिए चोकर मंगाया गया था. आरोप है कि निरीक्षण संपन्न होने और मुख्यमंत्री के प्रस्थान के तुरंत बाद ही पशु चारे की कुछ बोरियों को एंबुलेंस में लादकर वापस भेजा जा रहा था, जिसका किसी व्यक्ति ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया.
जिला प्रशासन ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि प्रशासन की ओर से चारा वितरण रोकने अथवा केवल प्रदर्शन के लिए रखने का कोई मौखिक या लिखित आदेश नहीं दिया गया था. प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ पीड़ितों और उनके मवेशियों तक राहत सामग्री का पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है. प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन बातें प्रचारित करने का प्रयास किया गया.
आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
सदर अंचलाधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा गया है कि आपदा राहत कार्यों में बाधा पहुंचाना, पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतना और पशु चारे के वितरण को बाधित करना गंभीर कृत्य है. पुलिस ने इस संबंध में आपदा प्रबंधन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले के सभी तकनीकी और भौतिक पहलुओं की जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
