hajipur news. चकबंदी के कागजात को मान्यता देने की मांग

ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव की चकबंदी लगभग 40 वर्ष पूर्व हो चुकी है, उस समय चक खतियान बांट दिया गया था और नक्शा भी तैयार हुआ था

सहदेई बुजुर्ग.

चकजमाल पंचायत के फतेहपुर बुजुर्ग ग्राम के ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी को आवेदन सौंपा है. ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव की चकबंदी लगभग 40 वर्ष पूर्व हो चुकी है. उस समय चक खतियान बांट दिया गया था और नक्शा भी तैयार हुआ था. ग्रामीणों से एक एकड़ में से दो डिसमिल जमीन अंशदान के रूप में लेकर हरिजन कॉलोनी, सड़क एवं खेल मैदान का निर्माण कराया गया, जो आज भी उपयोग में है. साथ ही तत्कालीन राज्यपाल ने दफा 26क से इस राजस्व ग्राम को विमुक्त भी कर दिया था. ग्रामीण पिछले 40 वर्षों से अपने-अपने चक्र के अनुसार खेती-बाड़ी और अन्य कार्य कर रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि अब सरकार द्वारा चलाए जा रहे राजस्व अभियान के तहत 1960 के सर्वे कागजात की मांग की जा रही है, जिसे उपलब्ध कराना उनके लिए संभव नहीं है. उनका कहना है कि चकबंदी के अलावे उनके पास कोई अन्य कागजात मौजूद नहीं है. इसलिए विभाग को इस संबंध में उचित दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए. आवेदन पर ठाकुर कृष्ण कुमार सिंह, गजेंद्र सिंह, हरेंद्र सिंह, सतीश कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह, पवन कुमार, शंभूनाथ सिंह, देवेंद्र सिंह और राम बच्चन सिंह सहित दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं. ग्रामीणों ने इस पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By KAIF AHMED

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