राहुल कुमार राय. हाजीपुर.सरकारी स्तर पर जिले में चयनित पैक्स और व्यापार मंडलों के माध्यम से निबंधित किसानों से धान खरीद एक नवंबर से जारी है, लेकिन अब तक लक्ष्य का मात्र 54 प्रतिशत ही धान खरीदा जा सका है. जबकि धान खरीद की समय-सीमा समाप्त होने में अब केवल 25 दिन शेष है. जिले में 28 फरवरी तक ही धान की खरीद की जानी है. जिले को कुल 41075 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है, जिसके मुकाबले अब तक लगभग आधे से थोड़ा ज्यादा ही खरीद हो सकी है. बीते दो महीनों में जहां लक्ष्य का केवल आधे से थोड़ा अधिक हिस्सा ही खरीदा जा सका है, ऐसे में शेष लक्ष्य को अगले 25 दिनों में पूरा कर पाना कठिन नजर आ रहा है.जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 12623 किसानों ने धान बिक्री के लिए आवेदन किया है. इसके सापेक्ष अब तक मात्र 4043 किसानों से ही धान की खरीद की जा सकी है. इन किसानों से कुल 22204.950 टन धान की खरीद हुई है. क्या कहते हैं पैक्स अध्यक्ष किसानों से धान खरीद किया जा रहा है. समिति के खाते में जितनी राशि थी, उससे किसानों की धान खरीद की जा चुकी है. सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस ) आपूर्ति के लिए मिलर को कहा जा रहा है, लेकिन मिलर ने बताया कि एफआरके (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) नहीं मिलने से सीएमआर आपूर्ति में देरी हो रही है. जैसे ही एफआरके प्राप्त होगा, वैसे ही सीएमआर आपूर्ति में तेजी किया जायेगा. क्या कहते है मिलर एफआरके पेंच में सीएमआर आपूर्ति करने की रफ्तार ठप पड़ गयी है. बीते करीब पांच दिन पूर्व तक 58 लाट का एफआरके प्राप्त हुआ था. जिसकी सीएमआर आपूर्ति की जा चूकी है. मंगलवार को 25 लाट का एफआरके आया है. जिससे आज से सीएमआर आपूर्ति की जायेगी. वही अगर विभाग सही समय पर एफआरके उपलब्ध कराते है तो सीएमआर आपूर्ति में तेजी आयेगी. वही अरवा चावल मिलरों का कहना है कि अभी तक अरवा चावल आपूर्ति के लिए एक लाट का भी एफआरके नहीं प्राप्त हुआ है. धान खरीद 28 फरवरी तक ही किया जाना है. अगर इस तरह की स्थिति रही तो लक्ष्य को पूरा कर पाना मुश्किल है. कहा हो रही है समस्या मिलरों ने बताया कि एफएसएसएआई (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया), एफआरके सैंपल जांच में देरी कर रही है. जिससे एफआरके पास नहीं किया जा रहा है. अगर सैंपल जांच में तेजी करें तो आसानी से एफआरके उपलब्ध हो सकता है. डीएम के स्तर से हो रही नियमित निगरानी और समीक्षा धान अधिप्राप्ति कार्य लगातार गति पकड़ रहा है. अब तक जिले में 4,000 से अधिक किसानों से धान की खरीद की जा चुकी है. अधिप्राप्त धान के विरुद्ध 1,653 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति सफलतापूर्वक की गई है. जिला प्रशासन द्वारा अधिप्राप्ति प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जा रही है तथा सभी संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके. क्या कहते हैं पदाधिकारी धान खरीद में तेजी की जा रही है. एफआरके की आपूर्ति करने वाली एजेंसी से बात की जा रही है. ताकि, सीएमआर आपूर्ति करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके. सभी बीसीओ को लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा गया. जिससे किसानों को सरकारी दर पर धान बेचने में कोई परेशानी ना हो. एफआरके एजेंसी से लगातार बातचीत किया जा रहा है. – अंजली, जिला सहकारिता पदाधिकारी, वैशाली
एफआरके नहीं मिलने से चावल आपूर्ति में विलंब
सरकारी स्तर पर जिले में चयनित पैक्स और व्यापार मंडलों के माध्यम से निबंधित किसानों से धान खरीद एक नवंबर से जारी है, लेकिन अब तक लक्ष्य का मात्र 54 प्रतिशत ही धान खरीदा जा सका है. जबकि धान खरीद की समय-सीमा समाप्त होने में अब केवल 25 दिन शेष है. जिले में 28 फरवरी तक ही धान की खरीद की जानी है.
