केले की खेती में वरदान बनी यह नई तकनीक, सही मात्रा में खाद-पानी मिलने से बंपर मुनाफे में किसान!

Banana Farming News: केले की खेती में ड्रिप सिंचाई और फर्टिगेशन तकनीक से किसानों को जरूरत के अनुसार पानी और खाद मिल रही है. आधुनिक तकनीक से उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ रहे हैं.

Banana Farming News: बदलते कृषि परिदृश्य में अब किसान पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. केले की खेती में ड्रिप सिंचाई (टपक सिंचाई) और फर्टिगेशन तकनीक किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रही है. इस तकनीक के माध्यम से पौधों को उनकी जरूरत के अनुसार पानी और घुलनशील खाद सीधे जड़ों तक पहुंचाई जाती है, जिससे पानी और उर्वरक दोनों की बचत होती है.

किसानों को दी जाती है नई-नई तकनीकों की जानकारी

कृषि विशेषज्ञ समय-समय पर किसानों को केले की उन्नत खेती, पौधरोपण, पौधों की दूरी, रोग एवं कीट नियंत्रण, उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक सिंचाई प्रणाली की जानकारी देते हैं. प्रशिक्षण के दौरान किसानों को यह भी बताया जाता है कि नई तकनीक अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन कैसे प्राप्त किया जा सकता है.

सांकेतिक तस्वीर

ड्रिप सिंचाई से पौधों को मिलती है जरूरत के अनुसार पानी

ड्रिप सिंचाई प्रणाली के जरिए प्रत्येक पौधे की जड़ों तक निर्धारित मात्रा में पानी पहुंचाया जाता है. इससे पानी की बर्बादी नहीं होती और खेत में नमी भी लंबे समय तक बनी रहती है. कम पानी वाले क्षेत्रों में यह तकनीक किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है.

सांकेतिक तस्वीर

फर्टिगेशन तकनीक से सीधे जड़ों तक पहुंचती है खाद

ड्रिप सिस्टम के माध्यम से घुलनशील उर्वरकों को पानी के साथ पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है. इस प्रक्रिया को फर्टिगेशन कहा जाता है. इससे खाद का पूरा लाभ पौधों को मिलता है और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है.

रोग नियंत्रण और उत्पादन पर विशेष ध्यान

विशेषज्ञ किसानों को पौधों में लगने वाले प्रमुख रोगों और कीटों की पहचान तथा समय पर नियंत्रण के उपाय भी बताते हैं. साथ ही पौधों की नियमित निगरानी, पत्तियों की सफाई और खेत की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जाती है, जिससे फसल स्वस्थ रहती है.

सांकेतिक तस्वीर

किसानों की बढ़ रही आमदनी

आधुनिक तकनीक अपनाने वाले किसानों का कहना है कि ड्रिप सिंचाई और फर्टिगेशन से सिंचाई एवं खाद पर होने वाला खर्च कम हुआ है. साथ ही केले की गुणवत्ता और उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे उनकी आय पहले की तुलना में बेहतर हुई है. कृषि विभाग भी किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है.

इसे भी पढ़ें: बाबा भूतनाथ इंटर कॉलेज में बड़ा खेल, प्राचार्य विवाद के बीच अध्यक्ष का फर्जीवाड़ा उजागर, जांच रिपोर्ट आते ही BSEB ने की बड़ी कार्रवाई

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vivek Ranjan

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले आठ वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी मीडिया से की, जहां बिहार की राजनीति से जुड़े कई प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों के इंटरव्यू किए. वर्तमान मुख्यमंत्री के उपमुख्यमंत्री रहते हुए उनका इंटरव्यू करने के साथ-साथ उन्होंने कई मंत्रियों के इंटरव्यू और फील्ड रिपोर्टिंग भी की है.

ज्ञान की धरती नालंदा के रहने वाले विवेक रंजन पाण्डेय वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और विभिन्न स्रोतों से जानकारी का सत्यापन करना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है. बिहार की राजनीति, शिक्षा और छात्र मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा प्रशासन, अपराध, रोजगार, मौसम और स्थानीय मुद्दों पर भी वह लगातार खबरें तैयार करते हैं.

विवेक रंजन पाण्डेय SEO फ्रेंडली डिजिटल खबरें लिखने में भी दक्ष हैं. वह डिजिटल प्लेटफॉर्म की जरूरतों के अनुसार खबरों को तैयार करते हैं और सटीक हेडलाइन, जरूरी कीवर्ड, तथ्यपरक जानकारी तथा पाठकों की रुचि का विशेष ध्यान रखते हैं.

उन्होंने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >