Gorakhpur Siliguri Expressway Route: गोरखपुर-सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार के लगभग 8 जिलों से होकर गुजरेगा. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से बिहार से पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक का सफर आसान हो सकेगा. यह एक्सप्रेसवे सिक्स लेन वाला होगा और बिहार में इसकी लंबाई 400 से 416 किलोमीटर की हो सकती है.
इन जिलों से गुजरेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जिले से गुजरेगा. उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से गुजरने के बाद बिहार के पश्चिम चंपारण से इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत होगी और किशनगंज के बाद पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर जाएगी. इस तरह से उत्तर बिहार और सीमांचल के जिलों को फायदा मिल सकेगा.
क्या होगा एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट?
पश्चिम चंपारण जिले की बात करें तो, यहां बैरिया और नौतन इलाके के गांवों में इसका एलाइनमेंट प्रस्तावित है. इसके बाद यह एक्सप्रेसवे पूर्वी चंपारण में घुसेगा और जिले के अलग-अलग गांवों से गुजरेगा. इसके लिए मधुबनी, परशुरामपुर, माधोपुर, जगदीशपुर, गोयथाहा, रामपुरवा, सरेया खास और ढाका इलाके के नाम बताए जा रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक, शिवहर जिले में यह रूट शिवहर और पिपराही से गुजर सकता है. इसके बाद यह एक्सप्रेसवे सीतामढ़ी जिले में जाएगा, जहां यह कई गांवों से गुजरेगा. आगे मधुबनी जिले में लौकही, फुलपरास, बाबूबरही, खजौली, राजनगर, कलुआही, बेनीपट्टी से यह एक्सप्रेसवे गुजर सकता है. फिर एक्सप्रेसवे सुपौल की तरफ बढ़ेगा. सुपौल जिले में इस एक्सप्रेसवे के निर्मली करहरी, छातापुर, प्रतापगंज और राघोपुर इलाके से गुजरना प्रस्तावित है.
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सुपौल के बाद अररिया जिले में यह एक्सप्रेसवे घुसेगा. जिले में यह नरपतगंज, फारबिसगंज, अररिया, कुर्साकांटा और सिकटी जैसे इलाकों से गुजरेगा. इसके बाद किशनगंज जिले में इस एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित रूट बहादुरगंज, कोइमारी, पोठिया, बरचौंडी और हरिंदुबल शामिल है. किशनगंज के बाद यह एक्सप्रेसवे सिलीगुड़ी में प्रवेश करेगा.
2028 तक पूरा हो सकता है एक्सप्रेसवे का काम
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की लागत लगभग 37,465 करोड़ रुपये है. इस प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य तय किया गया है. इस हाई स्पीड सड़क पर गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे सफर का समय काफी कम हो जाएगा.
एक्सप्रेसवे के बनने से होगा ये फायदा
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे बिहार के लिए नया इकोनॉमिक कॉरिडोर माना जा रहा है. इससे उत्तर बिहार और सीमांचल इलाके के जिले यूपी और पश्चिम बंगाल से सीधा कनेक्ट हो सकेंगे. इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, उद्योग, ट्रांसपोर्ट, होटल के साथ-साथ स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है. इस तरह से कई मायनों में यह एक्सप्रेसवे बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
