Gopalganj Tap-Water Scheme : गोपालगंज के मांझा प्रखंड की पुरैना पंचायत में अनुरक्षक के मानदेय भुगतान को लेकर विवाद अब आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है. वार्ड संख्या एक, पांच और आठ में नल-जल योजना की सेवा बाधित होने से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है. ग्रामीणों का दावा है कि मानदेय की राशि विभाग से उपलब्ध होने के बावजूद संबंधित लोगों को भुगतान नहीं किया गया है.
तीन वार्डों के लोग पेयजल के लिए परेशान
मांझा प्रखंड की पुरैना पंचायत के वार्ड संख्या एक, पांच और आठ में नल-जल योजना के बाधित होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है. लोगों का कहना है कि योजना का नियमित संचालन नहीं होने के कारण उन्हें शुद्ध पेयजल के लिए दूसरे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है.
मानदेय भुगतान नहीं होने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
ग्रामीण चंद्रमा सिंह, विजय सिंह, जगन्नाथ मांझी, विपिन सिंह, हीरामती देवी और राजकली देवी समेत अन्य लोगों ने बताया कि अनुरक्षक के मानदेय का भुगतान विभाग की ओर से उपलब्ध होने के बावजूद संबंधित लोगों को राशि नहीं दी जा रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार भुगतान की मांग की गयी, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ.
मार्च 2019 से बकाया होने का दावा
ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड संख्या एक, पांच और आठ में अनुरक्षक का मानदेय मार्च 2019 से लंबित है. ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी और बीपीआरओ को आवेदन भी दिया था. उनका कहना है कि शिकायत के बाद मामले की जांच हुई, लेकिन भुगतान को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
दो हजार रुपये प्रतिमाह मिलता है मानदेय
ग्रामीणों के मुताबिक, नल-जल योजना के अनुरक्षक को प्रतिमाह दो हजार रुपये मानदेय मिलता है. उनका कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण विवाद की स्थिति बनी है और इसका असर योजना के संचालन पर पड़ रहा है. ग्रामीणों ने जल्द भुगतान कराने और नल-जल योजना को सुचारु कराने की मांग की है.
मानदेय विवाद का असर सीधे ग्रामीणों पर
ग्रामीणों का कहना है कि मानदेय से जुड़ा विवाद अब आम लोगों की पेयजल सुविधा को प्रभावित कर रहा है. उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद योजना को नियमित रूप से चालू कराने की दिशा में प्रभावी पहल नहीं की गयी. इससे संबंधित वार्डों के कई परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बीपीआरओ ने माना, भुगतान को लेकर विवाद
इस मामले में बीपीआरओ प्रदीप प्रसाद ने कहा कि मानदेय भुगतान को लेकर विवाद चल रहा है. विभाग की ओर से भुगतान कर दिया गया है, लेकिन संबंधित लोगों को राशि नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जांच के बाद आगे की कार्रवाई की उम्मीद
बीपीआरओ के बयान के बाद अब ग्रामीणों को मामले के समाधान की उम्मीद है. जांच में मानदेय भुगतान से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होने के बाद संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं, ग्रामीणों की मांग है कि जब तक विवाद का समाधान होता है, तब तक नल-जल योजना को किसी तरह सुचारु कराया जाए, ताकि लोगों को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े.
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