बादलों की आवाजाही जारी, नहीं बरस रहे बादल, खेतों में अब सूख रहे बिचड़े

बरौली. जून समाप्त हो गया और किसानों की आंखें आसमान की ओर बड़ी आशा से देख रही हैं.

बरौली. जून समाप्त हो गया और किसानों की आंखें आसमान की ओर बड़ी आशा से देख रही हैं. उनकी आंखों में अगर कोई झांके तो बस एक ही इच्छा दिखेगी कि हे भगवान, अब ताे बादलों को बरसा दो. प्रखंड के सभी खेतों में धूल उड़ रही है. बादल आ रहे हैं, उमड़-घुमड़ रहे हैं लेकिन प्रखंड में अब तक बारिश की दो-चार बूंदों को छोड़कर बारिश हुई ही नहीं. पिछले मई माह के अंतिम सप्ताह में जो बारिश हुई थी, हालांकि वो भी नाममात्र को हीं थी, उतनी तक ही रह गयी है. इधर, बारिश नहीं होने से किसानों की एक तरह से जान निकल रही है. कुछ किसानों ने खेतों में नमी की कमी होने से खेतों में पटवन कर बिचड़े गिरा दिये लेकिन वो बिचड़े अब पानी की कमी से सूख रहे हैं, कुछ किसान पंपसेट से बिचड़ों को जिंदा रखने का प्रयास कर रहे हैं जो नाकाफी है. वहीं बारिश नहीं होने से लोगों की आम जिंदगी भी प्रभावित हुई है. अभी प्रखंड में भीषण गर्मी जारी है और पंखे भी गर्मी को दूर भगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं. प्रखंड के किसान लालबाबू सिंह, मनोज राम, उदयनाथ तिवारी, अजय तिवारी, राजाराम सिंह आदि का कहना है कि पम्पसेट से धान की खेती करना संभव नहीं है. एक तो खेत में नमी नहीं है, बिचड़े सूख रहे हैं, जिस खेत में बिचड़े डाले गये हैं उनमें अब दरार भी पड़ने लगी है. किसान आग उगलते सूरज, भारी उमस और चिलचिलाती गर्मी की मार झेलते हुए जैसे-तैसे पंपसेट के सहारे हिम्मत कर अपने खेतों में धान का बीज डाल चुके बीजों को बचाने के लिए बोरिंग के पानी का सहारा लेकर आर्थिक मुसीबत का भी दंश झेल रहे है. अब तक जिस तरह से मौसम की बेरुखी और बादलों की आवाजाही बनी हुई है, अगर यह बेरुखी ऐसी ही बनी रही व बारिश नहीं हुई तो किसानों को पानी खरीदकर धान की रोपनी करनी पड़ सकती है जिससे उनको खेती में नुकसान होने से कोई नही बचा सकता, ऐसे में किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं. फिलहाल मौसम का मिजाज कब बदल जाये इस बारे में तो कुछ नही कहा जा सकता और अब तक की इसकी बेरुखी से किसानों का धान की खेती में इस साल पिछड़ना तय माना जा रहा है. जून माह में अब तक सामान्य बारिश 172.80 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन अब तक मात्र 62.34 एमएम ही बारिश हो सकी है जो सामान्य से 110.46 एमएम बारिश कम हुई है. एक नजर में इस माह बारिश के प्रखंडवार आंकड़े प्रखंड बारिश एमएम में बैकुंठपुर 51.6 सिधवलिया 0 बरौली 44.7 मांझा 49.6 गोपालगंज 135.6 थावे 61.4 कुचायकोट 63. 4 हथुआ 112.0 उचकागांव 91.6 फुलवरिया 46.8 भोरे 98.0 कटेयां 51 पंचदेवरी 12.2 विजयीपुर 54.8

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Author: SANJAY TIWARI

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