Gopalganj News : अटल पांडेय हत्याकांड में श्रीराम भगत ने कोर्ट में किया सरेंडर, जमानत अर्जी खारिज

छात्र अटल पांडेय हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश-10 संदीप कुमार की अदालत में अभियुक्त श्रीराम भगत ने आत्मसमर्पण किया. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अजात शत्रु ने अभियुक्त के लिए जमानत याचिका दाखिल की, जिसे अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए खारिज कर दिया.

गोपालगंज. छात्र अटल पांडेय हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश-10 संदीप कुमार की अदालत में अभियुक्त श्रीराम भगत ने आत्मसमर्पण किया. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अजात शत्रु ने अभियुक्त के लिए जमानत याचिका दाखिल की, जिसे अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना का प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए खारिज कर दिया. कोर्ट ने माना कि अभियुक्त श्रीराम भगत ने जान बूझकर ट्रायल को प्रभावित करने की कोशिश की है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गयी सशर्त जमानत का उल्लंघन किया है. इसके बाद कोर्ट ने अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया. अपर लोक अभियोजक जयराम प्रसाद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने श्रीराम भगत और भाकपा माले नेता जितेंद्र पासवान को ट्रायल में नियमित उपस्थिति और सहयोग की शर्त पर जमानत दी थी, लेकिन अभियुक्त ने जान बूझकर न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया, जो न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है.

20 मार्च को जारी हुआ था गैरजमानती वारंट

इससे पूर्व जिला जज-10 मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने 20 मार्च को श्रीराम भगत की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि अभियुक्त सुप्रीम कोर्ट की शर्तों का पालन नहीं कर रहा है और न्यायिक प्रक्रिया में विलंब उत्पन्न कर रहा है.

पटना के अस्पताल का संदिग्ध मेडिकल प्रमाण पत्र

ट्रायल से बचने के लिए अभियुक्त की ओर से पटना स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल की एक मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था. जब कोर्ट ने अस्पताल से रिपोर्ट तलब की, तो डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से लिखित रूप में कहा कि उन्होंने किसी भी तरह का पहचान पत्र नहीं लिया, जिससे यह पुष्टि नहीं हो सकती कि मेडिकल रिपोर्ट श्रीराम भगत की ही है. डॉक्टर ने यह भी बताया कि ओपीडी कक्ष में सीसीटीवी कैमरा नहीं है.

क्या है अटल पांडेय हत्याकांड

यह मामला विजयीपुर थानांतर्गत कोरेया गांव का है, जहां दो दिसंबर, 2021 को भूमि विवाद को लेकर गांव के संजय पांडेय, सिंटू पांडेय, जगदंबा पांडेय ने लखनऊ में पढ़ रहे छात्र अटल पांडेय पर चाकू से जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था. अदालत ने पाया कि 16 वर्षीय अटल, जो अपने पिता का इकलौता पुत्र था, उसकी हत्या संपत्ति के लालच में की गयी. इस हमले में अटल को बचाने पहुंचे अन्य परिजनों पर भी जानलेवा हमला किया गया था.

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