Gopalganj News : सहरसा सदर अस्पताल में न्यूज कवर करने गये पत्रकार पर हुए हमले के विरोध में सोमवार को गोपालगंज जिले के पत्रकारों ने आंदोलन किया. पहले दिन पत्रकारों ने सांकेतिक रूप से काली पट्टी बांधकर घटना का विरोध जताया. इसके बाद शाम को डीएम समीर सौरभ को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की गयी.
पत्रकारों ने बैकुंठपुर में सिंहासनी महोत्सव की कवरेज करने गये पत्रकारों को रोकने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की. पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बेहद चिंताजनक है. पत्रकार अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाते हैं. ऐसे में पत्रकारों के साथ मारपीट या किसी तरह का हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है.
सहरसा की घटना में शामिल आरोपितों पर कार्रवाई की मांग
पत्रकारों ने सहरसा में हुई घटना में शामिल आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग रखी गयी. पत्रकारों ने कहा कि लगातार बढ़ रहे हमलों को रोकने के लिए सरकार को गंभीरता से पहल करनी चाहिए, ताकि पत्रकार बिना किसी भय के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें.
बैकुंठपुर की घटना में पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन के माध्यम से बैकुंठपुर में सिंहासनी महोत्सव की न्यूज कवरेज करने गये पत्रकारों को रोकने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गयी. पत्रकारों का कहना था कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को काम करने से रोकना प्रेस की स्वतंत्रता और उनके पेशेवर दायित्वों में बाधा डालने जैसा है.
पत्रकारों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
विरोध कार्यक्रम में नेशनल मीडिया ऑफ क्लब के अध्यक्ष सुनील तिवारी, अवधेश कुमार राजन, संजय कुमार अभय, सुशील श्रीवास्तव, नंदीश्वर दुबे, सत्येंद्र पांडेय, रामानुज प्रसाद, रजत कुमार, मनीष राज, विकास दुबे, मनोज राय, संतोष पाठक और राकेश कुमार गुप्ता समेत अन्य पत्रकार शामिल रहे. थावे में प्रदीप श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, गौतम सिंह और चित्तरंजन उपाध्याय ने भी काली पट्टी बांधकर घटना का विरोध जताया.
