Panchdevari Jamabandi Update : गोपालगंज के पंचदेवरी प्रखंड में किसानों की जमीन से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए चलाया गया राजस्व महाअभियान अब धीमी रफ्तार का शिकार होता दिख रहा है. अभियान के दौरान पंचायतवार शिविर लगाकर जमाबंदी सुधार, परिमार्जन और नामांतरण के लिए किसानों से आवेदन व दस्तावेज लिये गये थे. इसके बावजूद बड़ी संख्या में जमाबंदी अब तक अपडेट नहीं हो सकी है. किसानों का आरोप है कि पुराने रिकॉर्ड ही ऑनलाइन पोर्टल पर दिखाई दे रहे हैं.
राजस्व महाअभियान की रफ्तार पड़ी सुस्त
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर बीते अगस्त में पंचदेवरी में राजस्व महाअभियान शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के साथ किसानों की जमीन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना था. पंचायतवार शिविरों में बड़ी संख्या में किसानों ने आवेदन जमा किये, लेकिन अब अभियान की रफ्तार सुस्त पड़ने से उनकी उम्मीदें टूट रही हैं.
42 हजार ऑनलाइन जमाबंदी की प्रतियां बांटी गयी थीं
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार पंचदेवरी में अभियान के दौरान करीब 42 हजार ऑनलाइन जमाबंदी की प्रतियां बांटी गयी थीं. किसानों को अपने नाम, खाता और खेसरा समेत जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में त्रुटियों की जांच कर सुधार के लिए आवेदन देने का मौका दिया गया था. नामांतरण से संबंधित आवेदन भी इस दौरान लिये गये थे.
आवेदन जमा हुए, लेकिन रिकॉर्ड में बदलाव नहीं
किसानों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में सुधार के लिए आवेदन और जरूरी दस्तावेज पिछले वर्ष ही जमा करा दिये गये थे. इसके बावजूद ऑनलाइन पोर्टल पर कई मामलों में आज भी पुराना डाटा दिखाई दे रहा है. इससे किसानों को अपनी जमीन के रिकॉर्ड को लेकर लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है.
अंचल कार्यालय के चक्कर लगा रहे किसान
जमाबंदी अपडेट नहीं होने के कारण किसानों को अपने काम के लिए बार-बार अंचल कार्यालय जाना पड़ रहा है. कई किसानों का कहना है कि दस्तावेज जमा कराने के बाद उन्हें रिकॉर्ड अपडेट होने की उम्मीद थी, लेकिन लंबे समय बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं आया है.
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कत
जमाबंदी में नाम दर्ज नहीं होने का असर किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं पर भी पड़ रहा है. किसानों के अनुसार अपने नाम से जमीन की जमाबंदी नहीं होने के कारण कई लोग पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं. भूमि रिकॉर्ड की ऑनलाइन जांच के दौरान राशन कार्ड से जुड़े मामलों में भी कुछ किसान परेशानियों का सामना कर रहे हैं.
जमीन का बंटवारा हुआ, लेकिन रिकॉर्ड में पूर्वजों का नाम
पंचदेवरी प्रखंड में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके बीच वर्षों पहले जमीन का बंटवारा हो चुका है. इसके बावजूद राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण नहीं होने के कारण जमीन की जमाबंदी अब भी पिता या अन्य पूर्वजों के नाम पर दर्ज है. ऑनलाइन रिकॉर्ड में पूरी जमीन पूर्वज के नाम दिखाई देने से वास्तविक हिस्सेदार की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती है.
नामांतरण नहीं होने से वास्तविक हिस्सेदार परेशान
किसानों का कहना है कि जमीन का वास्तविक बंटवारा हो जाने के बाद भी रिकॉर्ड में बदलाव नहीं होने से भविष्य के कामों में परेशानी होती है. राजस्व महाअभियान से उन्हें उम्मीद थी कि आवेदन और दस्तावेज जमा करने के बाद जमाबंदी उनके नाम से अपडेट हो जायेगी. लेकिन लंबे समय बाद भी कई मामलों में रिकॉर्ड पहले की स्थिति में ही है.
किसानों ने उठाये सवाल
सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष बृज किशोर दुबे, सतीश कुमार, संजीव कुमार समेत कई किसानों ने राजस्व रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है. उनका कहना है कि दस्तावेज जमा कराने के बावजूद ऑनलाइन रिकॉर्ड में सुधार नहीं दिखने से किसानों को बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
सीओ ने जल्द समाधान का दिया भरोसा
पंचदेवरी की सीओ उमा कुमारी ने कहा कि किसानों की जमाबंदी में सुधार या अन्य डाटा अपडेट नहीं होने के कारणों की रिपोर्ट संबंधित कर्मचारियों और कर्मियों से मांगी गयी है. उन्होंने कहा कि जल्द ही किसानों की समस्याओं का समाधान कर दिया जायेगा.
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