gopalganj news. 29 दिनों में मात्र 10.40 टन धान की खरीदारी, अब तक लक्ष्य निर्धारित नहीं

राइस मिलों की टैगिंग में उलझा विभाग, इसके बाद खरीदारी पकड़ेगी रफ्तार, मोंथा चक्रवात के कारण धान की खेतों में अब भी पानी जमा रहने से आ रहीं मुश्किलें

गोपालगंज. जिले में किसानों से सरकार से तय समर्थन मूल्य पर धान खरीदने का कार्य एक नवंबर से शुरू है. मोंथा चक्रवात के कारण किसान अभी धान की कटनी में जुटे हैं. जलजमाव के कारण किसानों की लगभग 60 % धान की फसल बर्बाद हो चुकी है. सरकार की ओर से अभी जिले का लक्ष्य भी निर्धारित नहीं किया जा सका है. पिछले वर्ष जिले का लक्ष्य 73 हजार एमटी था. माना जा रहा है कि इस वर्ष 10 हजार एमटी और बढ़ेगा. लेकिन, आधिकारिक तौर पर अभी लक्ष्य का निर्धारण ही नहीं हो सका है.

डीएम पवन कुमार सिन्हा के आदेश के बाद जिले में अबतक दो व्यापार मंडल व 184 पैक्सों में धान खरीद केंद्र खोला जा चुका है. धान बेचने के लिए 1864 किसानों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराये हैं. अब तक विभाग ने 164 किसानों से 10.40 एमटी धान खरीदने का दावा किया है. मोंथा चक्रवात के दौरान हुई बारिश के कारण जिले के अधिकतर किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है. किसानों के सामने बैंकों का कर्ज लौटाने तथा रबी की बोआई सबसे बड़ी चिंता है. कर्णपुरा के किसान सुनील सिंह बताते है कि मिडिल व छोटे किसानों की फसल बर्बाद होने के कारण सालभर खाने तक के धान नहीं हो पाये हैं. खाने से बचने पर ही तो किसान बेचेंगे. ऐसे में विभाग के पास इस वर्ष धान की लक्ष्य को पूरा करने की बड़ी चुनौती होगी.

राइस मिलों से क्रय केंद्रों की टैगिंग उलझी

जिले में धान से चावल तैयार करने के लिए अबतक 16 राइस मिलों ने ही अप्लाइ किया है, जिसका भौतिक सत्यापन डीएम के द्वारा नामित वरीय उपसमाहर्ता दिलीप कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी तथा राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक की टीम को करने के बाद क्रय केंद्रों से टैंग किया जायेगा. यहां एक पेच और फंसा है कि राइस मिलों को दिसंबर के पहले सप्ताह में मिक्स करने वाला विटामिन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल उपलब्ध होगा. उसके उपलब्ध होने से चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 मिलाया जाता है, ताकि एनीमिया और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से निपटा जा सके. विभाग का मानना है कि 10 दिसंबर से धान खरीद रफ्तार पकड़ लेगा.

धान का रेट

निम्न प्रजाति के धान- 2369-रुपये प्रति क्विंटल

उन्नत प्रजाति के धान 2389 रुपये प्रति क्विंटल

फैक्ट फाइल

पिछले वर्ष धान की खरीद- 73 हजार मीट्रिक टन

पैक्सों की संख्या- 234

व्यापार मंडल-14

क्रय केंद्र खुले

व्यापार मंडल- दोपैक्स- 68

धान खरीद का लक्ष्य- 83 हजार एमटी अनुमानितरैयत किसान- 250 क्विंटल बेच सकेंगे

गैर रैयत किसान- 100 क्विंटल बेच सकेंगे

ऐसे होगा पंजीकरण

किसान सहकारिता विभाग के बेवसाईट cooperative.bih.nic.in पर जाकर संबंधित लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. किसान ऑनलाइन निबंधन प्रक्रिया किसी भी वसुधा केंद्र / कृषक सुविधा केंद्र आदि स्थान से नि:शुल्क करा सकते हैं. इस प्रक्रिया अंतर्गत असुविधा / कठिनाई होने पर प्रखंडों में पदस्थापित बीसीओ के कार्यालय / डीसीओ के कार्यालय से संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

क्रय केंद्रों की होगी मॉनिटरिंग

जिला सहकारिता पदाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि धान क्रय केंद्र खेलने की टास्क फोर्स से मंजूरी मिल चुका है. दी सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक से क्रेडिट लिमिट देने की प्रक्रिया शुरू है. दिसंबर से क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरु हो जायेगी. इसके लिए मॉनिटरिंग करने के लिए अधिकारियों की टीम बना दी गयी है. डीसीओ ने किसानों से बिचौलियों के हाथों धान को नहीं बेचने की अपील की गयी है.

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Published by: Shashi kant kumar

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