हौसले को मिला योजना का सहारा तो गांव में खड़ा हुआ ₹80 लाख का कारोबार, लूहसी की गारमेंट यूनिट बनी 65 जीविका दीदियों का संबल; DM ने की सराहना

सरकारी योजनाओं का सही लाभ लेकर गोपालगंज की एक रेडीमेड गारमेंट इकाई ने ₹80 लाख का कारोबार खड़ा किया है. इस पहल से 65 ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता और आर्थिक खुशहाली मिली है. जिला अधिकारी ने इस उद्यम की कार्यप्रणाली का निरीक्षण कर सराहना की.

Gopalganj Luhasi Garment Unit: यदि सपनों को दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और सरकारी योजनाओं का सही संबल मिल जाए, तो सुदूर ग्रामीण इलाके में भी सफलता का एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया जा सकता है. इस प्रेरक विचार को गोपालगंज जिले के उचकागांव प्रखंड अंतर्गत लूहसी गांव स्थित ‘यश इंटरप्राइजेज’ ने पूरी तरह धरातल पर सच साबित कर दिखाया है. बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से वित्तीय सहायता लेकर शुरू की गई इस रेडीमेड गारमेंट निर्माण इकाई का सालाना टर्नओवर आज रिकॉर्ड 80 लाख रुपये तक पहुंच चुका है.

सिलाई मशीनों की खनक से बुनी जा रही आत्मनिर्भरता की नई इबारत

लूहसी गांव के शांत वातावरण में दिनभर चलने वाली सिलाई मशीनों की गूंज केवल कपड़े ही तैयार नहीं कर रही, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की एक सुनहरी दास्तान भी लिख रही है. घर की चौखट और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच बंधी रहने वाली ग्रामीण महिलाओं को गांव में ही सम्मानजनक काम मिला है. इस उद्यम ने यह साबित कर दिया है कि एक व्यक्ति की सकारात्मक पहल कैसे पूरे इलाके के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को बदल सकती है.

एक पहल ने 65 जीविका दीदियों के जीवन में भरी आर्थिक खुशहाली

यश इंटरप्राइजेज की सबसे बड़ी विशिष्टता यह है कि इसकी सफलता केवल एक उद्यमी की तिजोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने इलाके की 65 जीविका दीदियों के लिए नियमित रोजगार और आर्थिक संबल के द्वार खोल दिए हैं. घर के पास ही सम्मानजनक पारिश्रमिक मिलने से इन दीदियों के परिवारों की माली हालत मजबूत हुई है और वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा व जीवन स्तर देने में सक्षम हो रही हैं.

डीएम समीर सौरभ ने गारमेंट इकाई का किया निरीक्षण, परखी कार्यप्रणाली

गोपालगंज के जिलाधिकारी (DM) समीर सौरभ ने स्वयं लूहसी गांव पहुंचकर यश इंटरप्राइजेज की गारमेंट इकाई का गहन निरीक्षण किया. उन्होंने वर्कशॉप में जाकर कपड़े की कटिंग, सिलाई, फिनिशिंग और पैकेजिंग की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से देखा. इसके साथ ही उन्होंने उद्यमी से कच्चे माल की आपूर्ति, मार्केट लिंकेज, उत्पादन क्षमता, विपणन रणनीति और भविष्य के विस्तार की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की तथा योजना के प्रभाव का आकलन किया.

'एक सफल उद्यम बदलता है पूरे क्षेत्र की तस्वीर': DM

जिलाधिकारी ने इकाई के सुचारू संचालन और 65 जीविका दीदियों को सीधे आजीविका से जोड़ने के प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की. डीएम ने कहा कि जब कोई उद्यमी आगे बढ़ता है और दूसरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करता है, तो उसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज और क्षेत्र पर पड़ता है. उन्होंने इस उद्यम को जिले के अन्य युवाओं और उद्यमियों के लिए एक अनुकरणीय व प्रेरक मॉडल बताया तथा अधिकारियों को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय स्तर पर नए रोजगार सृजन के निर्देश दिए.

जिले में औद्योगिक गतिविधियों और महिला सशक्तिकरण को मिल रही नई उड़ान

लूहसी की यह गारमेंट यूनिट इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का सदुपयोग सही विजन और निष्ठा के साथ किया जाए, तो वह दर्जनों परिवारों की तकदीर बदल सकती है. निरीक्षण के दौरान जिला उद्योग केंद्र (DIC) के महाप्रबंधक आयुष कुमार, उचकागांव के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) तथा उद्योग व जीविका विभाग के कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे.

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By संजय कुमार अभय

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